छत्रपति संभाजीनगर नगरसेवक  (सोर्सः सोशल मीडिया)
छत्रपति संभाजीनगर

Chhatrapati Sambhajinagar: शिकायतें गंभीर, लेकिन फैसला दूर; उन 18 नगरसेवकों को फिर मिली मोहलत

18 Corporators Disqualification: छत्रपति संभाजीनगर में 18 नगरसेवकों के खिलाफ अपात्रता शिकायतों पर सुनवाई हुई। नगरसेवकों ने दस्तावेजों के अध्ययन और पक्ष रखने के लिए अतिरिक्त समय मांगा।

शफीउल्ला हुसैनी, आंचल लोखंडे

Chhatrapati Sambhajinagar Corporators: छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका के 18 नगरसेवकों के खिलाफ दाखिल अपात्रता संबंधी शिकायतों पर सुनवाई की प्रक्रिया लगातार लंबी होती जा रही है। सोमवार, 24 अगस्त को मनपा आयुक्त अमोल येडगे के समक्ष नौ नगरसेवकों के मामलों की सुनवाई हुई।

शिकायतकर्ताओं की ओर से पेश किए गए आरोपों और दस्तावेजों को सुनने के बाद संबंधित नगरसेवकों ने अपना पक्ष रखने तथा कागजात का अध्ययन करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा। आयुक्त ने समय देने की अनुमति दे दी। इसके चलते इन शिकायतों पर तत्काल निर्णय होने की संभावना कम हो गई है।

25 नगरसेवकों के खिलाफ शिकायतें

महानगरपालिका चुनाव के बाद कुल 25 नगरसेवकों के खिलाफ सदस्यता से अयोग्य घोषित करने की मांग को लेकर शिकायतें दाखिल की गई हैं। इनमें एमआईएम के 18, भाजपा के छह और शिवसेना शिंदे गुट के एक नगरसेवक का समावेश है। महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम 1949 की धारा 10 (1) और 10 (1-ड) के तहत इन मामलों की सुनवाई चरणबद्ध तरीके से की जा रही है।

17 अगस्त को नौ मामलों की सुनवाई हुई थी। इसके बाद सोमवार को नौ और मामलों पर सुनवाई की गई। अब 7 सितंबर को नौ तथा 15 सितंबर को 11 सदस्यों से जुड़े मामलों पर सुनवाई प्रस्तावित है। अलग-अलग तारीखों पर सुनवाई होने के कारण शिकायतकर्ताओं को अब अंतिम निर्णय के लिए और इंतजार करना पड़ेगा।

तीन संतान से अनधिकृत निर्माण तक आरोप

सोमवार को फेरोज खान, शेख नरगीस सलीम और मोहम्मद वसीम के खिलाफ दो से अधिक संतान होने के आरोप से संबंधित शिकायतों पर सुनवाई हुई। मोहम्मद वाजेद और मेराज खान के खिलाफ अतिक्रमण को प्रोत्साहन देने के आरोप में शिकायत दर्ज है। वहीं सय्यद सोहेल, अब्दुल समीर, भारती सोनवणे और हिवराले जिवकपाल के खिलाफ अतिक्रमण तथा अनधिकृत निर्माण से संबंधित शिकायतें हैं।

दस्तावेजों के अध्ययन के लिए मांगा समय

प्रत्येक मामले की अलग-अलग सुनवाई की गई। कुछ नगरसेवकों की ओर से अधिवक्ताओं ने भी पक्ष रखा। शिकायतकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और आरोपों का अध्ययन करने के लिए संबंधित नगरसेवकों ने समय मांगा। आयुक्त ने उनकी मांग स्वीकार कर ली। मनपा चुनाव विभाग के अनुसार अगली सुनवाई की तारीख संबंधित पक्षों को लिखित रूप से बताई जाएगी।

17 अगस्त को भी नौ मामलों की सुनवाई

17 अगस्त को अभिजीत जीवनवाल, गणेश नावंदर, नूरजहां इकबाल, फिरोज खान, खान अब्दुल मतीन, मोहम्मद वसीम, सय्यद सोहेल, मेराज खान और मुंशी भिकन शेख के मामलों की सुनवाई हुई थी। इन मामलों में अतिक्रमण, अनधिकृत निर्माण, अतिक्रमण को बढ़ावा देने और दो से अधिक संतान जैसे विभिन्न आधारों पर शिकायतें दाखिल की गई हैं।

निर्माण गिराया, फिर भी कार्रवाई में देरी का सवाल

भाजपा के दो नगरसेवकों के खिलाफ अनधिकृत निर्माण से जुड़ी शिकायतें भी लंबित हैं। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि मनपा की नोटिस मिलने से पहले ही संबंधित निर्माण स्वयं हटाया गया। निर्माण हटाए जाने के फोटो और वीडियो भी सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित हुए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इससे अनधिकृत निर्माण किए जाने की स्थिति स्पष्ट होती है। इसके अलावा कुछ अन्य मामलों में मनपा अधिकारियों की ओर से जांच कर रिपोर्ट भी प्रस्तुत किए जाने की जानकारी सामने आई है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जब आरोपों से संबंधित दस्तावेज और जांच रिपोर्ट उपलब्ध हैं, तो मामलों के निर्णय में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

अब 7 और 15 सितंबर पर नजर

नगरसेवकों की अपात्रता से जुड़े मामलों में लगातार नई तारीखें मिलने से शिकायतकर्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है। अब 7 और 15 सितंबर को होने वाली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं। इन सुनवाइयों के बाद मामलों में निर्णय की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है। हालांकि, नगरसेवकों को अपना पक्ष रखने और दस्तावेजों का अध्ययन करने के लिए समय दिए जाने से अंतिम फैसला आने में अभी और समय लग सकता है।

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