छात्र परिषद के चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से मतपत्रों के माध्यम से कराने की मांग।
महाराष्ट्र सार्वजनिक विश्वविद्यालय अधिनियम, 2016 के तहत छात्र परिषदों के गठन और चुनाव का प्रावधान।
पूर्व कुलपति डॉ. सुहास पेडणेकर की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय उच्चस्तरीय समिति गठित।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय में आयोजित संवाद बैठक में विभिन्न प्रतिनिधियों ने रखे सुझाव।
समिति राज्य के विश्वविद्यालयों का दौरा कर विभिन्न घटकों की राय लेकर सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी।
Chatrapati Sambhajinagar Student Elections Maharashtra Universities: छत्रपति संभाजीनगर, विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्र संसद के चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से मतपत्रों के माध्यम से कराने की मांग उठी है। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय के महात्मा फुले सभागृह में आयोजित संवाद बैठक में विद्यार्थी और प्राध्यापक प्रतिनिधियों ने छात्र परिषद चुनावों को तत्काल शुरू करने तथा उनके लिए स्वतंत्र व्यवस्था स्थापित करने पर जोर दिया। विद्यार्थी विकास मंडल के संचालक डॉ. कैलास अंभुरे ने भी इस दिशा में आवश्यक व्यवस्था बनाने की बात कही।
महाराष्ट्र सार्वजनिक विश्वविद्यालय अधिनियम, 2016 में छात्र परिषदों के गठन और चुनाव का प्रावधान है। चुनाव प्रक्रिया के क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों और विभिन्न पक्षों की अपेक्षाओं का अध्ययन करने के लिए सरकार ने मुंबई विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. सुहास पेडणेकर की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित की है। समिति के सदस्य राज्य के विश्वविद्यालयों का दौरा कर विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और अन्य संबंधित घटकों से चर्चा करेंगे। बैठक में सामने आए सुझावों और चुनाव आयोजन से जुड़ी समस्याओं के अध्ययन के बाद समिति सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
छत्रपति संभाजीनगर, विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्र संसद के चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से मतपत्रों के माध्यम से कराने की मांग उठी है। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय के महात्मा फुले सभागृह में आयोजित संवाद बैठक में विद्यार्थी और प्राध्यापक प्रतिनिधियों ने छात्र परिषद के चुनाव तत्काल कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में चुनाव प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए स्वतंत्र व्यवस्था स्थापित करने का सुझाव भी दिया गया।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि छात्र आंदोलनों के माध्यम से कई नेता राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में आगे आए हैं। ऐसे में विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्र परिषद के चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से कराना महत्वपूर्ण है।
विद्यार्थी विकास मंडल के संचालक डॉ. कैलास अंभुरे ने छात्र परिषद चुनावों के लिए स्वतंत्र व्यवस्था स्थापित करने पर जोर दिया। बैठक में उपस्थित विभिन्न विद्यार्थी और प्राध्यापक प्रतिनिधियों ने चुनावों को शैक्षणिक और स्वस्थ वातावरण में संपन्न कराने से संबंधित सुझाव रखे।
महाराष्ट्र सार्वजनिक विश्वविद्यालय अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के अनुसार विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और मान्यता प्राप्त संस्थानों में छात्र परिषदों के गठन तथा चुनाव कराने की व्यवस्था है। राज्य सरकार ने 26 अक्टूबर 2018 को इस संबंध में एकरूप परिनियम भी जारी किए थे।
इन परिनियमों के क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों, चुनाव प्रक्रिया और संबंधित पक्षों की अपेक्षाओं का अध्ययन करने के लिए सरकार ने 24 सितंबर को मुंबई विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. सुहास पेडणेकर की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित की है। समिति का उद्देश्य छात्र परिषद चुनावों को लेकर विभिन्न घटकों की राय जानना और चुनावों के आयोजन में आने वाली समस्याओं का अध्ययन करना है।
राज्यस्तरीय समिति के सदस्य डॉ. प्रशांत अमृतकर ने बताया कि चुनावों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा। संबंधित पक्षों की अपेक्षाओं और चुनाव आयोजन में आने वाली समस्याओं को समझने के बाद सरकार को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।डॉ. धोंडीराम पवार ने बताया कि नांदेड़, जलगांव और छत्रपति संभाजीनगर से जुड़े समिति सदस्य राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों का दौरा कर संबंधित घटकों से संवाद करेंगे।
बैठक में डॉ. धोंडीराम पवार, डॉ. संजय कवड़े, डॉ. कैलास अंभुरे और संवादक डॉ. संजय शिंदे मंच पर उपस्थित थे। इसके अलावा प्राचार्य अपर्णा कोत्तापल्ले, डॉ. नवनाथ आघाव, डॉ. विवेक मिरगणे, डॉ. बालासाहेब पवार, अधिसभा सदस्य डॉ. उमाकांत राठौड़, डॉ. योगिता पाटील, डॉ. बी.एल. चव्हाण, डॉ. शेखर शिरसाठ और डॉ. लोकेश कांबले सहित अनेक प्रतिनिधियों ने चर्चा में भाग लिया।
समिति विभिन्न विश्वविद्यालयों से प्राप्त सुझावों और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी चुनौतियों का अध्ययन कर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद छात्र परिषद चुनावों के आयोजन को लेकर आगे की प्रक्रिया तय होने की संभावना है।