

छत्रपति संभाजीनगर मराठवाड़ा में सूखे के बीच बाल विवाह की आशंका को लेकर चिंता बढ़ी।
राज्यमंत्री मेघना साकोरे बोर्डीकर ने जागरूकता अभियान पर जोर दिया।
नारीशक्ति संवाद जागर के तहत आठ जिलों की महिलाओं से किया जाएगा संवाद।
पानी, पशुओं के चारे और ग्रामीण रोजगार की समस्याओं पर भी चर्चा।
महिलाओं से मिले सुझाव संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन को सौंपे जाएंगे।
Chatrapati Sambhajinagar Marathwada Drought Impact: मराठवाड़ा में सूखे के कारण बढ़ती आर्थिक परेशानियों के बीच बाल विवाह की आशंका को लेकर चिंता जताई गई है। स्वास्थ्य राज्यमंत्री मेघना साकोरे बोर्डीकर ने बाल विवाह रोकने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के बीच जनजागरण बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। नवरात्र के अवसर पर चलाए जा रहे नारीशक्ति संवाद जागर अभियान के तहत आठ जिलों की महिलाओं से संवाद किया जा रहा है।
धाराशिव, लातूर और बीड के बाद छत्रपति संभाजीनगर में महिलाओं से चर्चा की गई। अगले चरण में जालना, परभणी, हिंगोली और नांदेड में संवाद किया जाएगा। अभियान के दौरान पानी की किल्लत, पशुओं के चारे, रोजगार और अन्य सामाजिक समस्याओं पर सुझाव जुटाए जाएंगे। इन सुझावों को संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन तक पहुंचाया जाएगा। बोर्डीकर ने जल संरक्षण और जल साक्षरता के साथ ग्रामीण परिवारों की सामाजिक-आर्थिक समस्याओं पर ध्यान देने की जरूरत भी बताई।
छत्रपति संभाजीनगर, मराठवाड़ा में भीषण सूखे के बीच बाल विवाह की आशंका ने चिंता बढ़ा दी है। पानी की किल्लत, रोजगार का संकट और परिवारों पर बढ़ते आर्थिक दबाव के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में कम उम्र की लड़कियों की शादी की आशंका को गंभीरता से लिया जा रहा है। इस संभावित सामाजिक समस्या की रोकथाम के लिए भाजपा गांव-गांव में जनजागरण अभियान चलाने पर जोर दे रही है। स्वास्थ्य राज्यमंत्री मेघना साकोरे बोर्डीकर ने बाल विवाह रोकने के लिए महिलाओं के बीच जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता जताई है।
नवरात्र के अवसर पर शक्तिपीठ श्री क्षेत्र तुलजापुर से भक्तिपीठ श्री क्षेत्र माहूर तक 'नारीशक्ति संवाद जागर' अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत धाराशिव, लातूर और बीड जिलों के बाद शनिवार को छत्रपति संभाजीनगर में महिलाओं से संवाद किया गया।
इस अभियान में ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं, महिला किसानों और भाजपा की महिला पदाधिकारियों को शामिल किया गया है। बोर्डीकर ने बताया कि अगले चरण में जालना, परभणी, हिंगोली और नांदेड जिलों में भी महिलाओं से चर्चा की जाएगी। आठों जिलों से प्राप्त सुझावों का संकलन कर संबंधित विभागों को सौंपा जाएगा। प्रशासनिक स्तर पर जिन समस्याओं का समाधान संभव होगा, उनके लिए स्थानीय अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
बोर्डीकर ने कहा कि मराठवाड़ा की मौजूदा स्थिति को देखते हुए पानी, पशुओं के चारे और रोजगार के साथ सामाजिक समस्याओं पर भी ध्यान देना जरूरी है। आर्थिक संकट से प्रभावित परिवारों की समस्याओं को समझकर सामूहिक प्रयास करने होंगे। बाल विवाह की रोकथाम के लिए जागरूकता बढ़ाना भी इसी प्रयास का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।
राज्यमंत्री ने कहा कि मराठवाड़ा में उपलब्ध पानी का अगले आठ महीने तक सावधानीपूर्वक उपयोग करना पड़ सकता है। इसलिए जल संरक्षण और जल साक्षरता को लेकर जनजागरण आवश्यक है। पशुधन के लिए चारे की उपलब्धता और ग्रामीण परिवारों के रोजगार से जुड़ी समस्याओं पर भी ध्यान देने की जरूरत है।
महिलाओं से प्राप्त सुझावों को संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन तक पहुंचाकर समस्याओं के समाधान के प्रयास किए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य महिलाओं की समस्याओं को समझना और सूखे से पैदा होने वाली सामाजिक तथा आर्थिक चुनौतियों से निपटने के उपाय तलाशना है।
शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में विधायक अनुराधा चव्हाण, पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. भागवत कराड, भाजपा शहर अध्यक्ष किशोर शितोले, भाजपा महिला मोर्चा की शहर अध्यक्ष डॉ. उज्ज्वला दहिफले और जिलाध्यक्ष सुरेश बनकर सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।