Chhatrapati Sambhajinagar Bank Employees Strike: बैंक कर्मचारियों के लिए पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू करने और पीएलआई को लेकर सरकार के कथित भेदभावपूर्ण तथा एकतरफा फैसले को वापस लेने की मांग को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर शुक्रवार को एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की गई। इस दौरान जालना रोड स्थित बैंक ऑफ इंडिया के सामने कर्मचारियों और अधिकारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
आंदोलन में 800 से अधिक कर्मचारी और अधिकारी शामिल हुए। महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी कर अपनी मांगों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। महाराष्ट्र स्टेट फेडरेशन के कैलास कानडे सहित विभिन्न बैंक कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने आंदोलन को संबोधित किया।
कर्मचारी संगठनों ने कहा कि केंद्रीय और राज्य सरकारी कर्मचारियों, आरबीआई, नाबार्ड तथा एलआईसी में पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू है, लेकिन बैंक कर्मचारियों को अतिरिक्त काम और कर्मचारियों की कमी के कारण अधिक दबाव झेलना पड़ रहा है। इससे उनके स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन पर असर पड़ रहा है। द्विपक्षीय समझौते में मांग स्वीकार होने के बावजूद वित्त मंत्रालय की मंजूरी नहीं मिलने से इसका क्रियान्वयन लंबित है। पीएलआई के फैसले को लेकर भी संगठनों ने विरोध जताया। उन्होंने कहा कि बिना बातचीत के लिए गए फैसले द्विपक्षीय समझौते की भावना के विपरीत हैं।
संगठनों ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी समाधान नहीं हुआ तो अक्टूबर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई।