जलील के कार्यालय में पहुंचा धमकी भरा पत्र।
पत्र में अहिल्यानगर के युवक का नाम और पता होने का दावा।
जलील ने पत्र पुलिस को सौंपकर जांच की मांग की।
Threat Letter Alleged Murder Conspiracy: AIMIM के प्रदेशाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद इम्तियाज जलील को जान से मारने की धमकी मिलने से शहर के राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। उनके कार्यालय में एक धमकी भरा पत्र पहुंचा है। इसमें दावा किया गया है कि जलील की हत्या के लिए अहिल्यानगर के एक युवक को सुपारी दी गई है।
पत्र में कथित रूप से संबंधित युवक का नाम और पता भी लिखा गया है। इस घटना के बाद जलील ने पत्र पुलिस को सौंपकर पूरे मामले की गहन जांच की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जलील के कार्यालय में मिले इस पत्र में उन्हें किसी भी समय जान से मारने की चेतावनी दी गई है। पत्र लिखने वाले ने दावा किया है कि उनकी हत्या की जिम्मेदारी अहिल्यानगर के एक युवक को सौंपी गई है। इतना ही नहीं, पत्र में उस युवक की पहचान से जुड़ी जानकारी भी लिखे जाने की बात सामने आई है। हालांकि, पत्र में किए गए दावों की सत्यता की अभी पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि कथित रूप से सुपारी देने के पीछे कौन लोग हैं और इसके पीछे क्या कारण है।
धमकी की गंभीरता को देखते हुए इम्तियाज जलील ने संबंधित पत्र पुलिस को सौंप दिया है। उन्होंने पत्र में दी गई जानकारी की सत्यता की जांच करने और अहिल्यानगर के युवक की भूमिका की पड़ताल करने की मांग की है।
पुलिस अब पत्र की विषयवस्तु, उसके भेजने वाले की पहचान और उसमें उल्लिखित व्यक्ति से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह वास्तव में किसी आपराधिक साजिश का संकेत है या किसी ने जानबूझकर दहशत फैलाने के उद्देश्य से पत्र भेजा है।
जलील का कहना है कि उन्हें इससे पहले भी कई बार इस तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। इसके बावजूद वे ऐसी धमकियों से डरकर अपनी राजनीतिक भूमिका और विचारों को बदलने वाले नहीं हैं। गलत बातों के खिलाफ आवाज उठाना वे जारी रखेंगे। धमकी देकर उन्हें चुप कराने का प्रयास सफल नहीं होगा, ऐसा रुख भी उन्होंने स्पष्ट किया है।
इस घटना के बहाने जलील ने छत्रपति संभाजीनगर की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर भी चिंता जताई है। उनका आरोप है कि शहर में देशी पिस्तौल और बंदूकों का खुलेआम इस्तेमाल हो रहा है। सार्वजनिक स्थानों पर हत्या जैसी गंभीर घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में आम नागरिकों के साथ जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पत्र में किए गए दावों की पुष्टि, कथित सुपारी के पीछे शामिल लोगों की पहचान और धमकी भेजने वाले तक पहुंचना पुलिस के सामने प्रमुख चुनौतियां हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह किसी वास्तविक आपराधिक साजिश का हिस्सा है अथवा डर पैदा करने की कोशिश।