Aditya Thackeray Economic Growth: देश की अर्थव्यवस्था में 7.8 प्रतिशत वृद्धि के सरकारी दावे पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता आदित्य ठाकरे ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि यदि अर्थव्यवस्था वास्तव में इतनी तेजी से बढ़ रही है तो इसका असर आम लोगों के जीवन और रोजगार में दिखाई क्यों नहीं देता।
उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जब आर्थिक स्थिति मजबूत होने का दावा किया जा रहा है तो प्रधानमंत्री को लोगों से सोना न खरीदने और विदेश यात्रा से बचने की सलाह क्यों देनी पड़ रही है।
मराठवाड़ा के विकास को लेकर आयोजित जन आंदोलन के सिलसिले में छत्रपति संभाजीनगर पहुंचे ठाकरे ने आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्र और राज्य सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केवल आंकड़ों के आधार पर अर्थव्यवस्था की तस्वीर पेश करने के बजाय यह देखना जरूरी है कि उसका वास्तविक लाभ जनता तक पहुंच रहा है या नहीं।
ठाकरे ने कहा कि अगले कुछ दिनों में पूर्व भारतीय रिजर्व बैंक गवर्नर रघुराम राजन सहित कई विशेषज्ञ सकल घरेलू उत्पाद के आंकड़ों पर अपनी राय रखेंगे। इसलिए आंकड़ों पर बहस के बजाय रोजगार, आय और आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि 2047 तक देश आर्थिक रूप से सक्षम बनेगा या बढ़ती उम्र वाली आबादी की समस्या से जूझेगा।
उन्होंने मराठवाड़ा में उद्योग और रोजगार की स्थिति पर भी चिंता जताई। उनके अनुसार क्षेत्र की 211 कंपनियां या तो बंद हो गई हैं या बाहर चली गई हैं। ऐसे में सरकार को चुनावी राजनीति से आगे बढ़कर रोजगार और औद्योगिक विकास पर ध्यान देना चाहिए।
ठाकरे ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कुछ स्कूलों में वास्तविक छात्र संख्या छिपाने के लिए ऐसे स्थानों पर भी विद्यार्थियों को बैठाया जा रहा है, जहां वास्तव में छात्र मौजूद नहीं हैं।
स्कूलों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया जा रहा है और यदि छात्र संख्या तथा वास्तविक स्थिति में अंतर मिलता है तो इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे बुनियादी क्षेत्र में किसी भी तरह की गड़बड़ी को राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाय मिलकर दूर करना चाहिए।
छत्रपति संभाजीनगर के विकास कार्यों को लेकर ठाकरे ने श्रेय की राजनीति से दूरी बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में शुरू किए गए कार्यों का श्रेय वर्तमान सरकार लेती है तो भी उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। ‘श्रेय भाजपा को लेने दें, लेकिन काम पूरा होना चाहिए।’
उन्होंने कहा कि शहर के विकास कार्यों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, न कि इस बात को कि किसे उसका श्रेय मिलेगा। ठाकरे ने समृद्धि महामार्ग की सुरक्षा पर भी सवाल उठाते हुए यात्रियों की सुरक्षा मजबूत करने की मांग की। उनका दावा है कि महामार्ग पर लूट की घटनाएं हो रही हैं और सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
मराठवाड़ा में सूखे की स्थिति को उन्होंने बदलते मौसम से जोड़ते हुए कहा कि केवल नदी जोड़ परियोजनाओं से समस्या का समाधान नहीं होगा। पानी और जलवायु परिवर्तन पर व्यापक शोध की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अल नीनो जैसे महत्वपूर्ण मौसम संबंधी विषयों पर मंत्री चर्चा क्यों नहीं करते, जबकि अन्य मुद्दों पर लगातार बहस होती रहती है।
मराठा आरक्षण के मुद्दे पर ठाकरे ने कहा कि किसी एक समाज के अधिकार को कम करके दूसरे समाज को देने के बजाय जिस समुदाय का जो अधिकार है, उसे दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई समाज अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर हैं, लेकिन सरकार की ओर से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं।
ठाकरे ने कहा कि वर्तमान समय में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से अधिक विकास के मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में कौन आया और कौन गया, इससे अधिक महत्वपूर्ण संघर्ष और जनता के सवाल हैं। उन्होंने दावा किया कि जरूरत पड़ी तो अकेले रहकर भी जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेंगे।