बाघ का हमला (सौजन्य-नवभारत) 
चंद्रपुर

बाघ के हमले में महिला की मौत, भिसी उपवन क्षेत्र के गडपिपरी की घटना, वनरक्षक की गाड़ी में तोड़फोड़

Chandrapur News: चंद्रपुर जिले के चिमूर खेत में निराई करने गई एक महिला पर बाघ ने हमला कर उसे मार डाला। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

प्रिया जैस

Tiger Attack: चंद्रपुर जिले के चिमूर खेत में निराई करने गई एक महिला पर बाघ ने हमला कर उसे मार डाला। यह घटना गुरुवार (18) सुबह करीब 9 बजे चिमूर वन क्षेत्र के भिसी उपवन क्षेत्र के गडपिपरी बीट में कक्ष क्रमांक 20, 38, 10 में हुई। मृतक महिला का नाम विद्या कैलाश मसराम (40, निवासी लावारी) है। इस बीच, पिछले कुछ दिनों में इस क्षेत्र में बाघों के हमले बढ़ गए हैं। इस घटना के बाद, भीड़ आक्रामक हो गई। इस बीच, एक वनरक्षक की गाड़ी में तोड़फोड़ की गई।

कैलाश मसराम लावारी की जंगल से सटे एक ठेके पर धान की खेती कर रहे हैं। पिछले दो दिनों से वहां धान की निराई का काम चल रहा था। गुरूवार सुबह छह महिलाएं निराई करने गई थीं। पांच महिलाएं सामने वाले खेत में निराई कर रही थीं। विद्या मसराम पिछली बाड़ में काम कर रही थी। उसी समय बाघ ने अचानक उन पर हमला किया और उन्हें मार डाला। वह उन्हें 200 फीट दूर तक घसीट कर ले गया।

लेकिन सामने काम कर रही महिलाओं को इस घटना के बारे में पता नहीं चला। जब उनके पति कैलाश खेत में आए और खोजने लगे कि वह कहां गई है। तब वह बाड़ से रेंगते हुए बाहर आती दिखाई दी। जब वह उस दिशा में गए तो बाघ ने उन्हें मार डाला था। उसके बाद, आसपास के सभी किसान इकट्ठा हो गए और बाघ भाग गया।

ग्रामीणों ने बाघ के बंदोबस्त की मांग

वन विभाग को सूचना मिलती ही वन विभाग के कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे। इस समय, मृत महिला को पोस्टमार्टम के लिए ग्रामीण अस्पताल चिमूर भेज दिया गया। लेकिन उसके बाद, शंकरपुर भिसी रोड पर खड़े वन विभाग के वाहन को घेर लिया गया और जब तक महिला के पति को नौकरी, 10 लाख रुपये का चेक, 50,000 रुपये नकद और बाघ का बंदोबस्त नहीं होगा तब तक वाहन को गुजरने नहीं दिया जाएगा यह ग्रामीणों ने रुख अपनाया। इसके कारण कुछ समय के लिए वहां तनाव पैदा हो गया। वन विभाग द्वारा 50,000 रुपये नकद और 10 लाख का चेक देने और बाघ का बंदोबस्त करने और मृतक के परिवार को नौकरी में शामिल करने का लिखित आश्वासन देने के बाद तनाव शांत हो गया। सरपंच अरविंद राउत, वंचित बहुजन युवा आघाड़ी के जिला अध्यक्ष शुभम मंडपे, जीवन रानडे आदि ने ग्रामीणों की ओर से मध्यस्थता की।

नागरिकों में आक्रोश का माहौल

भीड़ ने इस बीट के वनरक्षक बोरकर के दोपहिया वाहन में तोड़फोड़ की। ग्रामीण उससे नाराज थे क्योंकि वनरक्षक बोरकर लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान कर रहा था। चूंकि वनरक्षक की पिटाई होने वाली थी, इसलिए उसे पुलिस सुरक्षा में वन विभाग के वाहन में रखा गया था। जब तक इस वनरक्षक को हमारे हवाले नहीं किया जाता, वे वाहन को जाने नहीं देंगे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उसका तत्काल तबादला किया जाना चाहिए। पुलिस और वन विभाग द्वारा मध्यस्थता के माध्यम से वनरक्षक के तबादले का आश्वासन मिलने के बाद तनाव शांत हो गया।

वन विभाग की ओर से वनपरिक्षेत्र अधिकारी किशोर देउलकर और उनके कर्मचारी उपस्थित थे। पुलिस विभाग की ओर से उपविभागीय पुलिस अधिकारी दिनकर ठोसरे, भिसी थानेदार मंगेश भोंगाडे, पुलिस उपनिरीक्षक रवि वाघ, ठूटे चिमूर और भिसी के पुलिस कर्मचारी उपस्थित थे।

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