वन विभाग के क्वार्टर खस्ताहाल, नरखेड़ तहसील के जामगांव में दयनीय स्थिति, जंगल का ले चुके रूप

Narkhed News: नरखेड़ तहसील के जामगांव में वन विभाग के क्वार्टरों की हालत बेहद दयनीय हो गई है और वे जंगल का रूप ले चुके हैं। लोगों ने मांग की है कि वन विभाग इस मामले पर ध्यान दे।
Narkhed News: नरखेड़ तहसील के जामगांव में वन विभाग के क्वार्टरों की हालत बेहद दयनीय हो गई है और वे जंगल का रूप ले चुके हैं। लोगों ने मांग की है कि वन विभाग इस मामले पर ध्यान दे।
वन विभाग हेडक्वार्टर (सौजन्य-नवभारत)
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Nagpur District News: जलालखेड़ा नरखेड़ तहसील के जामगांव में वन विभाग के क्वार्टरों की हालत बेहद खस्ताहाल हो गई है और वे जंगल का रूप ले चुके हैं। बने हुए क्वार्टरों में बड़ी-बड़ी घास और कंटीली झाड़ियां उग चुकी हैं और जानवर वहां घूमते रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपये का सरकारी धन बर्बाद हो रहा है क्योंकि पिछले कई वर्षों से यहां कोई कर्मचारी नहीं रहता। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस जर्जर इमारत की उपेक्षा कर रहे हैं।

वन विभाग ने अपने कर्मचारियों के लिए क्वार्टर बनाने पर लाखों रुपये खर्च किए थे। हालांकि ये क्वार्टर अच्छी स्थिति में हैं, फिर भी यहाँ वन विभाग का एक भी कर्मचारी नहीं रहता। नतीजतन, ये क्वार्टर अब जर्जर हो चुके हैं। खिड़कियां टूटी हुई हैं, दरवाज़े खस्ता हालत में हैं और हर जगह घास उग चुकी है। इसके चलते, नागरिकों का आरोप है कि इस इमारत का इस्तेमाल अब आपराधिक प्रवृत्ति के लोग और रात में शराब पीने वाले लोग कर रहे हैं।

उपेक्षा के कारण वीरान हो गए आवास

वन विभाग की उपेक्षा के कारण ये आवास वीरान हो गए हैं। अगर ये आवास कर्मचारियों के इस्तेमाल के लिए नहीं हैं, तो इन्हें अन्य सरकारी विभागों या ज़रूरतमंद लोगों को अस्थायी निवास के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है, ऐसा कुछ नागरिकों ने भी व्यक्त किया है। लोगों ने मांग की है कि वन विभाग इस मामले पर ध्यान दे और या तो इन आवासों की मरम्मत करके कर्मचारियों के लिए उपलब्ध कराए या इनका उचित उपयोग सुनिश्चित करे। अन्यथा, सरकारी धन की यह बर्बादी नहीं रुकेगी और यह संपत्ति जल्द ही पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी।

लाखों रुपये खर्च किये

जामगांव के ग्रापं सदस्य सुधाकर खजूरिया ने कहा इन इमारतों की हालत देखकर बहुत दुख होता है। सरकार ने इन आवासों के निर्माण पर लाखों रुपये खर्च किए, लेकिन अब ये धूल में पड़े हैं। अगर वन विभाग को इनकी ज़रूरत नहीं है, तो उन्हें इन्हें अन्य सरकारी विभागों या ज़रूरतमंद लोगों को दे देना चाहिए। धन की ऐसी बर्बादी बंद होनी चाहिए।

संपत्ति की बर्बादी ठीक नहीं

जामगांव खुर्द की सरपंच अरुणा जुगसनिये ने कहा मैंने स्वयं वन विभाग के अधिकारियों से कई बार इस बारे में चर्चा की है। मैंने उनसे इन भवनों की मरम्मत करके कर्मचारियों के लिए उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। यदि वे कर्मचारियों को यहां नहीं रखना चाहते, तो उन्हें ये आवास किसी अन्य विभाग या वास्तविक ज़रूरतमंद लोगों को दे देने चाहिए। सरकारी संपत्ति की बर्बादी ठीक नहीं है। सरकार से इस पर तुरंत ध्यान देकर उचित निर्णय लेने की मांग की गई।

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