Chandrapur Project Affected Families: चंद्रपुर और यवतमाल जिलों में वेकोलि के विभिन्न कोयला प्रकल्पों से प्रभावित लोगों के लंबित मामलों को लेकर नागपुर स्थित वेकोलि मुख्यालय में शनिवार को महत्वपूर्ण बैठक हुई। पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर और वेकोलि के सीएमडी हेमंत पांडे की प्रमुख उपस्थिति में आयोजित बैठक में जमीन अधिग्रहण, नौकरी के प्रस्ताव, आर्थिक मुआवजा, पुनर्वास तथा अंतरक्षेत्रीय स्थानांतरण सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में शिवणी-ढोबे, माजरी, चिंचोली रिकॉस्ट, बल्लारपुर, जेना-टाकली, वणी नॉर्थ और हरदोना-कोंढा आदि प्रकल्पों के प्रभावित परिवारों की समस्याएं रखी गईं। प्रकल्पग्रस्तों को आर्थिक मुआवजा एवं रोजगार देने के साथ ही कोल इंडिया द्वारा मंजूर NUT योजना को इच्छुक आधार पर अन्य प्रकल्पों में भी लागू करने के मुद्दे पर चर्चा हुई।प्रति एकड़ 30 लाख रुपयेवित गांवों में शेष जमीन के अधिग्रहण पर भी चर्चा हुई।
प्रति एकड़ 30 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग को लेकर कोल इंडिया और कोयला मंत्रालय के साथ हुए पत्राचार की प्रतियां हंसराज अहीर ने वेकोलि सीएमडी हेमंत पांडे को सौंपी।चिंचोली रिकॉस्ट-3 प्रकल्प में सेक्शन 14(1) के करारनामे पूरे होने से पहले आर्थिक मुआवजा ट्रिब्यूनल में जमा करना उचित नहीं होने का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया।
नई एसओपी लागू होने के बावजूद प्रकल्पग्रस्तों के नौकरी प्रस्तावों को मंजूरी देने की प्रक्रिया धीमी होने पर हंसराज अहीर ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि न्यायालयीन मामले लंबित होने के बावजूद पात्र प्रकल्पग्रस्तों को आर्थिक मुआवजा एवं नौकरी देने के प्रस्तावों पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
वेकोलि के अधीन माटी कंपनी में शासन की नीति के अनुसार स्थानीय लोगों को 80 प्रतिशत रोजगार देने के प्रावधान को लागू करने की मांग भी की गई।बल्लारपुर क्षेत्र के सास्ती, पौनी, चिंचोली तथा वणी क्षेत्र के उकनी, कोलगांव, गाडेगांव, येनक, कोलार पिपरी, कोना और गोवारी सहित पुनर्वास प्रस्तावित गांवों में शेष जमीन के अधिग्रहण पर भी चर्चा हुई।
वेकोलि प्रबंधन ने बताया कि नागपुर सहित अन्य क्षेत्रों में पदस्थापित प्रकल्पग्रस्त कर्मचारियों के अंतरक्षेत्रीय स्थानांतरण के लिए पोर्टल शुरू कर दिया गया है। इससे संबंधित कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। बैठक में हंसराज अहीर ने कहा कि प्रकल्पग्रस्तों के जमीन अधिग्रहण, पुनर्वास, आर्थिक मुआवजे और रोजगार से जुड़े मामलों पर सकारात्मक निर्णय लेकर उन्हें गति देना आवश्यक है। इस अवसर पर वेकोलि के वरिष्ठ अधिकारी, वणी के पूर्व नगराध्यक्ष तारेंद्र बोर्डे, धनंजय पिंपलशेंडे, ओबीसी जिलाध्यक्ष पवन एकरे तथा एडवोकेट इंजीनियर प्रशांत घरोटे उपस्थित थे।