Supgaon Zilla Parishad School: गोंडपिपरी तालुका के सुपगांव जिला परिषद स्कूल में 29 अगस्त को शिक्षा व्यवस्था की लापरवाही सामने आई। रोज की तरह 63 विद्यार्थी स्कूल पहुंचे, लेकिन एक भी शिक्षक मौजूद नहीं था। काफी देर तक शिक्षक नहीं पहुंचने पर अभिभावकों को इसकी जानकारी मिली और देखते ही देखते स्कूल परिसर में पालकों की भीड़ जमा हो गई। मामले की जांच कर दोषी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है। सुपगांव जिप स्कूल में सातवीं कक्षा तक पढ़ाई होती है और यहां चार शिक्षक कार्यरत हैं। शनिवार को इनमें से एक भी शिक्षक स्कूल में उपस्थित नहीं था।
आखिरकार पोषण आहार तैयार करने वाले कर्मचारी ने स्कूल का ताला खोला। काफी समय बीतने के बावजूद शिक्षक नहीं पहुंचे। जानकारी के अनुसार, मुख्याध्यापक आनंद कोंडेवार छुट्टी पर थे। उनकी अनुपस्थिति में सहायक शिक्षक संतोषी पेटकर और मंगेश पेंदाम भी शनिवार को स्कूल नहीं पहुंचे। वहीं, एक अन्य शिक्षक दिनेश देवालकर स्कूल शुरू होने के बाद से ही चिकित्सा अवकाश पर हैं। ऐसे में शनिवार को सभी 63 विद्यार्थी शिक्षक के बिना ही स्कूल पहुंच गए।
शिक्षक के बिना बच्चों के स्कूल में मौजूद रहने से उनकी पढ़ाई के साथ सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले की जानकारी मिलते ही सरपंच, स्कूल प्रबंधन समिति और अभिभावकों ने केंद्रप्रमुख तथा गटविकास अधिकारी से शिकायत की। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए गटविकास अधिकारी ने मामले की रिपोर्ट तलब की है। इसके बाद अडेगांव के शिक्षक राठोड़ को अस्थायी रूप से सुपगांव स्कूल भेजा गया। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि विद्यार्थियों की शिक्षा के प्रति इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भंगाराम तलोधी केंद्र प्रमुख संतोष गद्देकर ने कहा कि मुख्याध्यापक आनंद कोंडेवार के छुट्टी पर होने की जानकारी है। हालांकि, अन्य दो सहायक शिक्षकों के छुट्टी पर होने की जानकारी उन्हें नहीं थी। शिक्षकों की अनुपस्थिति की जांच कर गटविकास अधिकारी को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।