Chandrapur Farmers Protest: धान बोनस की राशि अब तक नहीं मिलने से नागभीड़ तहसील के धान उत्पादक किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। सरकार द्वारा शीतकालीन अधिवेशन में प्रति हेक्टेयर 20 हजार रुपए बोनस देने का आश्वासन दिए जाने के बावजूद राशि नहीं मिलने पर किसानों ने आंदोलन का रास्ता अख्तियार किया है।
सर्वदलीय किसान संगठन ने अब सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए 17 सितंबर को तलोधी बा.के साई मंदिर से नागभीड़ तहसील कार्यालय तक विराट ट्रैक्टर मोर्चा निकालने का निर्णय लिया है। बैठक में शेतकरी संघटना अध्यक्ष तुकाराम निकुरे, उपाध्यक्ष रमेश बोरकर, सचिव धनंजय बोरकर, विनोद बोरकर, संजय गहाणे, कृष्णा गंजेवार, गिरीश नवघडे, दिवाकर कामडी, अतुल सिद्दमशेट्टीवार, आतिष भाकरे, भुपेश भाकरे और विलास घोनमोडे सहित परिसर के किसान उपस्थित थे।
सर्वदलीय किसान संगठन ने किसानों से अपने न्याय्य अधिकार के लिए अधिक से अधिक संख्या में ट्रैक्टर मोर्चे में शामिल होने का आह्वान किया है। धान बोनस का मुद्दा किसानों के आर्थिक हितों से सीधे जुड़ा है। जिससे शीघ्र निर्णय हो सकता है।
मोर्चे को सफल बनाने के लिए नागभीड़ तहसील के गांवों में बैठकों का दौर शुरू हो गया है। संगठन का दावा है कि बड़ी संख्या में किसान इस आंदोलन में शामिल होंगे, किसानों की एकजुटता को देखते हुए मोर्चे के आक्रामक रहने की संभावना जताई जा रही है। किसानों का आरोप है कि सरकार ने बोनस का आश्वासन देने के बावजूद अब तक भुगतान नहीं किया है। उनका कहना है कि बकाया किसानों को कर्जमाफी देने के नाम पर बोनस की राशि को टाला जा रहा है। इसे लेकर किसानों में तीव्र असंतोष है।