Maharashtra Vidhan Parishad Election Politics: महाराष्ट्र की 17 विधान परिषद सीटों के चुनावी बिगुल बज चुका है। इस बीच एक बार फिर रिजॉर्ट पॉलिटिक्स शुरू हो गई है। पार्षदों के नॉट रिचेबल होने की खबरें सामने आ रही है। स्थानीय निकाय संस्थाओं की 17 विधान परिषद सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले कांग्रेस को एक बहुत बड़ा झटका लगा है। विदर्भ में पार्टी के 60 से अधिक पार्षदों के अचानक नॉट रिचेबल होने से हड़कंप मच गया है।
इसे लेकर कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने भाजपा और महायुति पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राजनीति पूरी तरह से उद्योगपतियों की मनमर्जी से चल रही है, और इस समय पार्षदों की खुलेआम खरीद-फरोख्त चल रही है। पूर्व विदर्भ के भंडारा, गडचिरोली और चंद्रपुर जिलों में कांग्रेस के 300 से अधिक पार्षद हैं। इनमें से 60 पार्षदों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।
विजय वडेट्टीवार ने दावा किया कुछ पार्षदों को अपनी तरफ लुभाने के लिए शुरुआत में प्रत्येक को 5 लाख रुपए की अग्रिम राशि दी गई थी; लेकिन अब, यह 'रेट' सीधे बढ़कर 15 लाख तक पहुंच गया है। सत्ताधारी दल एक वोट के लिए 15 लाख तक खर्च करने को तैयार है। शक्ति का यह नग्न प्रदर्शन लोकतंत्र के लिए अत्यंत हानिकारक है और इस पर एक गहरा कलंक लगाता है।
कांग्रेस पार्टी इस घिनौनी खरीद-फरोख्त और डराने-धमकाने की हरकतों के आगे घुटने नहीं टेकेगी। विजय वडेट्टीवार ने कांग्रेस पार्टी के पार्षदों को चेतावनी देते हुए कहा कि जो पार्टी के व्हिप का उल्लंघन करेगा और पैसे के लालच में आकर विश्वासघात करेगा हम ऐसे लोगों की सदस्यता रद्द करने के लिए तत्काल कानूनी कार्रवाई शुरू करेंगे।
यह भी पढ़ें:- महाराष्ट्र कैबिनेट में हुए बड़े फैसले, सावंतवाड़ी रेलवे स्टेशन का नाम अब मधु दंडवते टर्मिनस, जानें अन्य निर्णय
इसके अलावा, जो लोग पार्टी के साथ विश्वासघात करेंगे उन्हें अगले 6 साल तक कोई भी चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि ऐसे विश्वासघात करने वालों को कानून के दायरे में रहते हुए, सख्ती से उनकी सही जगह दिखाई जाए। विजय वडेट्टीवार ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अपने सिद्धांतों पर दृढ़ रहते हुए और कानून की सीमाओं के भीतर रहकर काम करते हुए विश्वासघात के ऐसे सभी कृत्यों का करारा जवाब देगी।