योग दिवस के कार्यक्रम में तेंदुए की मौजुदगी। (सौजन्यः सोशल मीडिया) 
चंद्रपुर

योग दिवस के कार्यक्रम में तेंदुए की मौजुदगी, पेड़ पर चढ़कर दिखा रहा था करतब, कॉलेज कैंपस में मची अफरातफरी

चंद्रपुर जिले के मूल शहर स्थित कर्मवीर कॉलेज के खेल मैदान में छात्र जब योग के गुर सिख रहे थे तभी वहीं एक पेड़ पर एक तेंदुआ बैठा हुआ पाया गया।

आंचल लोखंडे

चंद्रपुर: शुक्रवार सुबह, जब पूरे देश के साथ-साथ चंद्रपुर जिले में भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं, तभी एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। चंद्रपुर जिले के मूल शहर स्थित कर्मवीर कॉलेज के खेल मैदान में छात्र जब योग के गुर सिख रहे थे तभी वहीं एक पेड़ पर एक तेंदुआ बैठा हुआ पाया गया। यह दृश्य जैसे ही कॉलेज के छात्रों और स्थानीय लोगों ने देखा, वहां भारी भीड़ इकट्ठा हो गई और योग दिवस का शांत माहौल अचानक दहशत में बदल गया।

चंद्रपुर-गड़चिरोली मार्ग पर स्थित मूल शहर वनक्षेत्र से सटा हुआ है। यह इलाका ताडोबा टाइगर रिज़र्व के बफर ज़ोन के काफी करीब है। कॉलेज के पीछे से रेलवे लाइन गुजरती है और उसी के किनारे फैले जंगलों से यह तेंदुआ संभवतः भटककर कॉलेज परिसर में आ गया।

तेंदुआ कॉलेज में कैसे पहुंचा?

सैकड़ों लोग जुटे देखने, माहौल हुआ अफरातफरी वाला जब तेंदुआ पेड़ पर बैठे हुए देखा गया, उस समय कॉलेज में योग दिवस को लेकर आयोजन की तैयारियाँ चल रही थीं। छात्रों और स्थानीय लोगों ने जैसे ही पेड़ पर बैठे इस जंगली शिकारी को देखा, वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कुछ लोग डर के मारे पीछे हटे, तो कई उत्साहित लोग वीडियो और तस्वीरें लेने में लग गए। कुछ लोगों ने तो सोशल मीडिया पर लाइव भी किया, जिससे यह दृश्य मिनटों में वायरल हो गया।

बड़ी अनहोनी टल गई

वन विभाग को दी गई जानकारी, तेंदुआ चुपचाप जंगल में लौट गया। कॉलेज प्रशासन ने तत्काल वन विभाग को सूचित किया। कुछ ही देर में वन विभाग की टी मौके पर पहुंची, लेकिन उससे पहले ही तेंदुआ लोगों की हलचल और भीड़ से घबराकर पेड़ से नीचे उतरा और नज़रों से बचते हुए जंगल की ओर भाग गया। किसी प्रकार की झड़प या हमले की कोई खबर नहीं है, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई। लॉयड्स मेटल कंपनी को बड़ी राहत, सूरजगढ़ खदान विस्तार को हाईकोर्ट से स्वीकृति

क्या कहता है प्रशासन?

वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने घटनास्थल का निरीक्षण कर बताया कि आसपास के क्षेत्र जंगलों से सटे होने के कारण जंगली जानवरों की आवाजाही असामान्य नहीं है। लेकिन इस प्रकार शहरी परिसर में तेंदुए का घुस आना निश्चित रूप से एक चेतावनी है और इसके लिए सुरक्षा उपायों को तत्काल प्रभाव से मजबूत करने की जरूरत है।

तेंदुआ चुपचाप जंगल में लौट गया

संभावित खतरा बना हुआ हैवन विभाग द्वारा आसपास के क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि तेंदुआ फिर से वापस न आए या आसपास कहीं छिपा न हो। कॉलेज प्रशासन को भी कुछ दिनों तक सतर्क रहने को कहा गया है।जहां एक ओर कॉलेज परिसर में योग दिवस पर 'अंतरआत्मा की शांति' का अभ्यास चल रहा था, वहीं उसी परिसर में एक वन्य शिकारी 'पेड़ की ऊँचाई से' सभी को निहार रहा था।

मानव सुरक्षा के उपायों को अब प्राथमिकता देने की आवश्यकता

सौभाग्य से इस घटना में कोई हानि नहीं हुई, लेकिन यह घटना एक बार फिर से हमें यह या दिलाती है कि प्राकृतिक आवासों में मानव हस्तक्षेप के चलते वन्यजीव भी अब सुरक्षित जगह की तलाश में मानव बस्तियों की ओर बढ़ रहे हैं। सरकार और वन विभाग के लिए यह एक चेतावनी है । वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ-साथ मानव सुरक्षा के उपायों को अब प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।

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