सांकेतिक फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया) 
चंद्रपुर

किश्त अटकी, बढ़ा इंतजार, 'लाडकी बहीन योजना' की राशि नहीं मिलने से महिलाओं में चिंता

Ladki Bahin Yojana: चंद्रपुर में लाडली बहन योजना की जनवरी किस्त जारी न होने से 4.42 लाख से अधिक लाभार्थी महिलाओं में चिंता बढ़ गई है, जबकि ई-केवाईसी त्रुटि वाले भुगतानों को रोका गया है।

आंचल लोखंडे

Chandrapur Womens: महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से शुरू की गई राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘लाडकी बहीन योजना’ इन दिनों चर्चा में है। जनवरी माह की किस्त अब तक लाभार्थियों के खातों में जमा नहीं होने से महिलाओं में भ्रम और चिंता का माहौल है। जिले की 4,42,905 पात्र महिलाओं को जनवरी महीने की अनुदान राशि का इंतजार है।

फरवरी माह समाप्त होने में कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन शासन की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि जनवरी की किस्त कब जारी होगी। इससे लाभार्थी महिलाएं बार-बार बैंकों के चक्कर लगाने को मजबूर हो रही हैं।

लाभार्थी महिलाओं में चिंता बढ़ी

राज्य सरकार ने यह योजना जुलाई 2024 में शुरू की थी। योजना के तहत 21 से 65 वर्ष आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन के लिए प्रति माह 1,500 रुपये (सालाना 18,000 रुपये) की सहायता दी जाती है। योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उनका सामाजिक-आर्थिक स्तर मजबूत करना है। महंगाई के दौर में घर खर्च, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी जरूरतों को पूरा करने में यह योजना महिलाओं के लिए सहारा साबित हो रही है। आर्थिक रूप से कमजोर, विधवा, तलाकशुदा और निराश्रित महिलाओं को इसका लाभ मिल रहा है। हालांकि जनवरी की किस्त नहीं मिलने से लाभार्थी महिलाओं में चिंता बढ़ गई है।

50,046 आवेदन अपात्र घोषित

इस योजना के लिए जिले में कुल 4,92,951 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 4,42,905 आवेदन पात्र पाए गए, जबकि 50,046 आवेदन अपात्र घोषित किए गए।

ई-केवाईसी में त्रुटि सुधारें

जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी मीनाक्षी भस्मे ने बताया कि पात्र और अपात्र लाभार्थियों की संख्या हर महीने अपडेट होती रहती है। जिन महिलाओं का ई-केवाईसी अधूरा है, उनके भुगतान फिलहाल रोके गए हैं।

उन्होंने बताया कि 21 वर्ष से कम आयु, 65 वर्ष से अधिक आयु तथा ई-केवाईसी में त्रुटि वाले कुल 46,838 लाभार्थियों का भुगतान स्थगित है। अन्य पात्र महिलाओं को योजना का लाभ नियमित रूप से दिया जा रहा है। उन्होंने लाभार्थियों से 31 मार्च से पहले ई-केवाईसी में आवश्यक सुधार कराने की अपील की है।

अपात्र होने के प्रमुख कारण

458 लाभार्थी 21 वर्ष से कम आयु के

2,962 लाभार्थी 65 वर्ष से अधिक आयु के

43,226 लाभार्थियों का ई-केवाईसी पूरा नहीं हुआ

अन्य 192 आवेदन अपात्र पाए गए

इस प्रकार कुल 50,046 महिलाओं को योजना से वंचित होना पड़ा।

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