चंद्रपुर में मादा तेंदुए की करंट लगने से मौत सोर्स: सोशल मीडिया
चंद्रपुर

चंद्रपुर में तेंदुए को बंदर का शिकार पड़ा भारी! बिजली के डीपी पर चढ़ा, करंट लगने से दर्दनाक मौत

Chandrapur Female Leopard Electrocuted: चंद्रपुर के वड़गांवपेठ में बंदर का पीछा करते हुए मादा तेंदुआ बिजली के डीपी पर चढ़ गई। करंट लगने से तेंदुए की मौत हो गई, बंदर भी मरा।

मनीषा बोंदरे

Chandrapur Forest Department Leopard Dies: चंद्रपुर के ब्रह्मपुरी वन विभाग क्षेत्र के वड़गांवपेठ परिसर में बंदर का पीछा करते हुए एक मादा तेंदुआ बिजली के डीपी पर चढ़ गई। बिजली के संपर्क में आने से उसकी मौत हो गई। घटना में बंदर की भी मौत होने की जानकारी है।

बंदर का पीछा करते हुए डीपी पर पहुंची

जंगल और मानव बस्तियों के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच वन्यजीवों की सुरक्षा से जुड़ी एक दर्दनाक घटना सामने आई है। ब्रह्मपुरी वन विभाग के अंतर्गत वड़गांवपेठ परिसर में एक मादा तेंदुए की बिजली का करंट लगने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तेंदुआ एक बंदर का पीछा कर रहा था। इसी दौरान वह बिजली के डीपी पर चढ़ गई और बिजली के संपर्क में आने से उसकी जान चली गई।

घटना में बंदर की भी मौत होने की जानकारी सामने आई है। हादसे के बाद वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया। घटना ने वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ-साथ जंगल से सटे इलाकों में मौजूद बिजली के उपकरणों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।

जंगल से सटे इलाकों में बढ़ता जोखिम

तेंदुए सहित अन्य वन्यजीव भोजन और शिकार की तलाश में कई बार जंगल से लगे कृषि क्षेत्रों और रिहायशी इलाकों तक पहुंच जाते हैं। ऐसे क्षेत्रों में बिजली के खंभे, खुले तार और डीपी वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।

शिकार का पीछा करते समय वन्यजीव कई बार ऐसी जगहों पर पहुंच जाते हैं, जहां बिजली के उपकरणों के संपर्क में आने की आशंका रहती है। इस घटना में भी तेंदुए के लिए बिजली डीपी जानलेवा साबित हुआ।

वन्यजीवों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

घटना के बाद वन्यजीवों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में बिजली के उपकरणों की सुरक्षा और नियमित निरीक्षण की जरूरत पर चर्चा शुरू हो गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में बिजली के डीपी और अन्य उपकरणों को सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय किए जाने की मांग की जा रही है।

वन विभाग और बिजली विभाग के बीच बेहतर समन्वय के साथ ऐसे स्थानों की पहचान करना जरूरी माना जा रहा है, जहां वन्यजीवों की आवाजाही अधिक रहती है। समय रहते एहतियाती कदम उठाए जाएं तो भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।

चुनाव आयोग को घेरने की तैयारी में जुटी कांग्रेस, आज CWC की बैठक बुलाई; आगे की रणनीति पर मंथन

तुम्हारे बाप का देश नहीं है...थप्पड़ कांड मामले में प्रवेश वर्मा पर बरसे केजरीवाल, बोले- तुरंत बर्खास्त करो

Railway Alert: 1 से 31 अक्टूबर तक चलेगा स्पेशल टिकट चेकिंग अभियान, यात्री अपने साथ जरूर रखें ये 10 ओरिजिनल ID

गोल्डी बराड़ FBI की टॉप 10 मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल, पता बताने वाले को मिलेगा करोड़ों का इनाम

Weather Update: दिल्ली-UP से बिहार तक आज फिर होगी बारिश! मौसम विभाग ने 15 राज्यों में जारी किया बारिश का अलर्ट