Chandrapur Water Crisis (सोर्स: साेशल मीडिया) 
चंद्रपुर

चंद्रपुर: भीषण गर्मी से सूखे प्राकृतिक जलस्रोत, पानी की तलाश में बस्तियों की ओर रुख कर रहे हिंसक वन्यजीव

Water Crisis: चंद्रपुर के जंगलों में जलस्रोत सूखने से वन्यजीव गांवों की ओर आ रहे हैं। बाबूपेठ में भालू घुसने जैसी घटनाओं से दहशत है। वन्यजीव प्रेमियों ने वन विभाग से पानी की व्यवस्था की मांग की है।

रूपम सिंह

Chandrapur Water Scarcity News: चंद्रपुर जिले में बढ़ती गर्मी के कारण जंगलों के प्राकृतिक जलस्रोत तेजी से सूखने लगे हैं। पानी की तलाश में वन्यजीव अब मानव बस्तियों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति बनने लगी है। हाल ही में चंद्रपुर के बाबूपेठ क्षेत्र में एक भालू के घर में घुसने की घटना सामने आई थी। इसके अलावा कई गांवों में तेंदुए, बंदर और अन्य वन्यजीव पानी की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों में भटकते देखे जा रहे हैं।

चंद्रपुर शहर सहित जिले के कई गांव घने जंगलों से घिरे हुए हैं और इन जंगलों में वन्यजीवों की संख्या भी काफी अधिक है। तेज गर्मी के कारण जंगलों में मौजूद प्राकृतिक जलस्रोत सूखने लगे हैं। पिछले वर्ष मानसून में कम बारिश होने से भी जलस्रोतों पर असर पड़ा है। इसके कारण वन्यजीव पानी की तलाश में जंगलों से बाहर निकलकर गांवों की ओर आ रहे हैं। आगजनी की समस्या ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ लोग स्वार्थवश जंगलों में आग लगा देते हैं, जिससे प्राकृतिक वन क्षेत्र को भारी नुकसान होता है।

इस आग से घास और झाड़ियों में रहने वाले पक्षी, चंद्रपुर किसानों के लिए लाभकारी कीड़े-मकोड़े और अन्य जीव बड़ी संख्या में नष्ट हो जाते हैं। कई बार वन्यजीव भी आग में झुलसकर मर जाते हैं। पानी की कमी के कारण कई वन्यजीव प्यास बुझाने के लिए गांवों की ओर आ रहे हैं, जहां उन्हें आवारा कुत्तों है। या ग्रामीणों के हमलों का सामना करना पड़ता है। जंगल में जहां-जहां पानी के स्रोत मौजूद हैं, वहां शिकार या घात की संभावना भी अधिक रहती है, जिससे वन्यजीवों की जान को खतरा बना रहता

वन्यजीवों के लिए पानी की व्यवस्था करें

सरकार द्वारा नागरिकों के लिए विभिन्न जलापूर्ति योजनाएं चलाई जाती हैं, लेकिन वन्यजीवों के लिए जंगलों में पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं दिखाई देती। वन्यजीव प्रेमियों ने मांग की है कि जंगलों में वन्यप्राणियों के लिए पानी की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि वे प्यास बुझाने के लिए गांवों की ओर न आएं। जिले का बड़ा हिस्सा ताडोबा के बफर जोन क्षेत्र में आता है। ऐसे में यदि जंगलों में पानी की समस्या बनी रही तो मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए वन विभाग को समय रहते जंगलों में जलस्रोतों की व्यवस्था करने की मांग की जा रही है।

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