कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार और सांसद प्रतिभा धानोरकर (सोर्स: सोशल मीडिया) 
चंद्रपुर

चंद्रपुर में थमा कांग्रेस का अंदरूनी घमासान, वडेट्टीवार-धानोरकर विवाद का हाई लेवल बैठक में निकला समाधान

Chandrapur News: चंद्रपुर महानगर पालिका में नेतृत्व को लेकर चल रही रार अब खत्म हो गई है। हाईकमान के हस्तक्षेप के बाद विजय वडेट्टीवार और सांसद प्रतिभा धानोरकर के बीच सुलह का फॉर्मूला तैयार हुआ है।

आकाश मसने

Chandrapur Congress Internal Dispute Resolved: महाराष्ट्र की सियासत में 'पावर सेंटर' को लेकर मची खींचतान के बीच चंद्रपुर कांग्रेस से बड़ी खबर आई है। स्थानीय सांसद और पूर्व मंत्री के गुटों में बंटी पार्टी ने हाई-लेवल मीटिंग के बाद एकजुटता का दावा किया है। वडेट्टीवार ने संगठन की मजबूती के लिए अपने रुख में नरमी लाते हुए विवाद सुलझाने की पुष्टि की है।

सुलह का नया 'पावर फॉर्मूला'

चंद्रपुर महानगर पालिका (CMC) में पार्षदों के दो धड़ों में बंटने से पैदा हुए संवैधानिक संकट को कांग्रेस ने वरिष्ठ नेताओं की मध्यस्थता से हल कर लिया है। शनिवार को हुई एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक में महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्नितला, प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले के प्रतिनिधि हर्षवर्धन सपकाल, सांसद प्रतिभा धानोरकर और विजय वडेट्टीवार शामिल हुए। बैठक में तय हुआ कि CMC में कांग्रेस दल के नेता का नाम हर्षवर्धन सपकाल तय करेंगे। वहीं, मेयर (महापौर) और स्थायी समिति के पदों के लिए विजय वडेट्टीवार और सांसद प्रतिभा धानोरकर मिलकर सर्वसम्मति से निर्णय लेंगे। यह कदम शुक्रवार को तब उठाना पड़ा जब 27 में से 13 पार्षदों ने खुद को एक अलग समूह के रूप में पंजीकृत कराने की कोशिश की थी, जो सांसद धानोरकर के करीबी माने जाते हैं।

संगठन के लिए दो कदम पीछे हटना मंजूर: विजय वडेट्टीवार

नागपुर में मीडिया से मुखातिब होते हुए विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार भावुक और रणनीतिक नजर आए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी में कोई व्यक्तिगत द्वेष नहीं है। वडेट्टीवार ने कहा, "पार्टी हित में मैंने दो कदम पीछे हटने का फैसला किया है। नेतृत्व का मतलब धैर्य होता है। चाहे कोई आलोचना करे या कुछ और, एक अनुशासित सिपाही की तरह मेरा लक्ष्य सिर्फ कांग्रेस को मजबूत करना है।"

उन्होंने आगे कहा कि पिछले 25 वर्षों से वे पार्टी की सेवा कर रहे हैं और किसी भी कीमत पर संगठन के भीतर बिखराव नहीं होने देंगे। इस बयान को स्थानीय राजनीति में वडेट्टीवार के 'त्याग' और 'बड़प्पन' के तौर पर देखा जा रहा है।

चंद्रपुर का सियासी समीकरण

66 सदस्यीय चंद्रपुर महानगरपालिका में सत्ता का गणित काफी दिलचस्प है। कांग्रेस के पास 27 सीटें हैं, जबकि बीजेपी के पास 23। बहुमत के लिए 34 का जादुई आंकड़ा चाहिए। ऐसे में निर्दलीय और अन्य छोटे दलों की भूमिका निर्णायक हो गई है।

वडेट्टीवार ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी सत्ता हथियाने के लिए 'धनबल' का सहारा ले रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पार्षदों को पाला बदलने के लिए 1 करोड़ रुपये और बड़े पदों का प्रलोभन दिया जा रहा है। अब देखना यह है कि क्या निर्दलीय उम्मीदवार इन प्रलोभनों के आगे झुकते हैं या कांग्रेस अपनी एकजुटता बरकरार रखते हुए सत्ता के शिखर तक पहुँचती है।

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