चंद्रपूर शहर महानगरपालिका (सौ.सोशल मीडिया)  
चंद्रपुर

चंद्रपुर में मेयर के बाद स्टैंडिंग कमेटी पर भाजपा की नजर, क्या कांग्रेस दे पाएगी टक्कर या फिर होगा खेला!

Mayor Election Chandrapur News: चंद्रपुर मनपा में स्टैंडिंग कमेटी चुनाव पर सियासी रस्साकशी तय। भाजपा और कांग्रेस गठबंधन के पास 8-8 सदस्य। असली सत्ता की जंग मार्च के पहले सप्ताह में होगी।

रूपम सिंह

Chandrapur Municipal Corporation News: चंद्रपुर मनपा में बहुमत हासिल किए बिना किसी तरह महापौर, उपमहापौर पदों पर कब्जा जमाने वाली भाजपा को अब आने वाले दिनों में होने जा रहे स्टैंडिंग कमेटी के चुनाव में पुनः एक बार अग्निपरीक्षा का सामना करना पड़ सकता है। मनपा में किसी भी राजनीतिक दल के पास पूर्ण बहुमत नहीं होने से तथा स्टैंडिंग कमेटी के लिए दोनों दलों के पास मनोनीत सदस्यों की संख्या समान होने से मनपा में स्टैंडिंग कमेटी पर कब्जा जमाने अब भाजपा और कांग्रेस गठबंधनों के बीच रस्साकशी होना तय है।

असली पावर का खेल

गौरतलब है कि, मनपा में महापौर तथा उपमहापौर के अलावा स्टैंडिंग कमेटी को बेहद महत्वपूर्ण पद माना जाता है। कहा जाता है कि, मनपा में जिसके पास स्टैंडिंग कमेटी होती है, उसी के पास असली पावर होती है, यूं कहें तो सत्ता की तिजोरी की चाबी होती है। यही कारण है कि, इस मनपा में स्टैंडिंग कमेटी का चुनाव जीतना अब सत्तारूढ़ भाजपा गठबंधन के लिए बेहद प्रतिष्ठा का विषय बन चुका है। यह भी उल्लेखनीय है कि, स्थानीय मनपा में स्टैंडिंग कमेटी के कुल सदस्यों की संख्या 16 होगी जिनमें से भाजपा गठबंधन के पास 8 सदस्य होंगे। वहीं दूसरी ओर मनपा में सर्वाधिक सीटें जीतने के बावजूद मेयर तथा डिप्टी मेयर चुनाव में पराजय का सामना करने वाले कांग्रेस गठबंधन के पास भी स्टैंडिंग कमेटी के 8 सदस्य होंगे, जिससे मनपा में आने वाले दिनों में होने वाला स्टैंडिंग कमेटी का चुनाव बेहद रोचक होगा।

अब आया ऊंट पहाड़ के नीचे

ज्ञात रहे कि, कुल 66 सदस्यीय ईद मनपा में कांग्रेस के कुल 27 पार्षद है, कांग्रेस के साथ चुनावपूर्व गठबंधन करने वाले जनविकास आघाडी के पास 3 सदस्य है। कुलमिलाकर कांग्रेस गठबंधन के पास 30 पार्षद है। साथ ही कांग्रेस को एमआईएम तथा बीएसपी के क्रमशः एक एक पार्षदों का समर्थन हासिल होने से कांग्रेस गठबंधन के पास कुल 32 पार्षदों का संख्याबल है। वहीं मनपा में भाजपा के पास 23 पार्षद है, भाजपा को शिंदे शिवसेना के एक पार्षद का समर्थन है।

जिससे इस गठबंधन के पास 24 पार्षदों का संख्याबल है। मेयर तथा डिप्टी मेयर चुनाव में भाजपा गठबंधन को शिवसेना (ठाकरे) गुट के 6 पार्षदों ने खुले तौर पर अपना समर्थन दिया था। साथ ही मनपा के 2 निर्दलीय पार्षदों ने भी भाजपा गठबंधन के पक्ष में मतदान किया था, जबकि मेयर चुनाव में वंचित बहुजन आघाडी के 2 पार्षद अनुपस्थित रहे थे, जिससे मेयर चुनाव में भाजपा प्रत्याशी की 32 वोटों के बल पर जीत हुई थी और कांग्रेस गठबंधन को 31 ही वोट प्राप्त हुए थे। मेयर चुनाव में एमआईएम के एकमात्र पार्षद की तटस्थता की भूमिका ने मेय चुनाव में यहां भाजपा गठबंधन की जीत को आसान बना दिया था।

एक माह के भीतर लेना जरूरी होता है चुनाव

चंद्रपूर शहर महानगरपालिका मनपा में मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव 10 फरवरी को हुआ था, ऐसे में नवनिर्वाचित मेयर को अपने निर्वाचन के एक माह के भीतर स्टैंडिंग कमेटी के चुनाव लेने होते है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि, चंद्रपुर मनपा में स्टैंडिंग कमेटी का चुनाव मार्च के प्रथम सप्ताह में 10 मार्च से पहले हो सकता है।

4 पार्षदों के अनुपात में एक स्टैंडिंग कमेटी सदस्य

यह भी उल्लेखनीय है कि, किसी भी राजनीतिक दल अथवा पंजीकृत गुट के कुल 4 सदस्यों के अनुपात में स्टैंडिंग कमेटी का एक सदस्य मनोनीत होगा। इस अनुपात से कांग्रेस गठबंधन के पास 30 पार्षदों के बल पर 8 स्टैंडिंग कमेटी सदस्य होंगे, वहीं भाजपा गठबंधन के पास भी शिंदे शिवसेना, उबाठा और वचित बहुजन आघाडी को मिलाकर 32 का संख्याबल है,

इस अनुपात से भाजपा गठबंधन के भी स्टैंडिंग कमेटी के लिए कुल 8 सदस्य मनोनीत होंगे। मनपा में निर्वाचित दोनों निर्दलीय पार्षदों में से एक पार्षद के पास उपमहापौर पद है, अतः शेष एकमात्र निर्दलीय पार्षद किसी भी पंजीकृत गुट में शामिल नहीं होने से उन्हें स्टैंडिंग कमेटी से बाहर रहना होगा।

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