Chandrapur Drought Declaration 2026: चंद्रपुर जिले की 15 में से 12 तहसीलों को राज्य सरकार ने अकालग्रस्त घोषित किया है। बल्लारपुर, जिवती और ब्रह्मपुरी को सूची से बाहर रखा गया है।
जिले में औसत की तुलना में अब तक सिर्फ 65 प्रतिशत बारिश हुई है। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने प्रभावित किसानों को तत्काल 1 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर सहायता देने की मांग की है।
चंद्रपुर, ब्यूरो. कम बारिश और फसलों पर पड़े असर को देखते हुए राज्य सरकार ने चंद्रपुर जिले की 15 में से 12 तहसीलों को अकालग्रस्त घोषित किया है। राज्य सरकार द्वारा घोषित 265 अकालग्रस्त तहसीलों की सूची में चंद्रपुर जिले की चंद्रपुर, राजुरा, गोंडपिपरी, कोरपना, मूल, सावली, सिंदेवाही, नागभीड़, चिमूर, वरोरा, भद्रावती और पोंभुर्णा तहसील शामिल हैं।
हालांकि, बल्लारपुर, जिवती और ब्रह्मपुरी तहसीलों को इस सूची में शामिल नहीं किया गया है। जिले में इस बार बारिश की कमी के कारण धान, सोयाबीन और कपास जैसी प्रमुख फसलों पर असर पड़ा है।
अकालग्रस्त घोषित तहसीलों में सरकार की ओर से विभिन्न राहत उपाय लागू किए जाएंगे। इनमें जमीन के राजस्व में छूट, फसल ऋण का पुनर्गठन, कृषि पंपों के बिजली बिल में राहत और कृषि पंपों की बिजली आपूर्ति खंडित नहीं करने जैसे उपाय शामिल हैं।
इसके अलावा स्कूल और कॉलेज विद्यार्थियों के परीक्षा शुल्क में माफी, रोजगार गारंटी योजना के कामों के मापदंडों में शिथिलता, जरूरत वाले क्षेत्रों में टैंकरों से पेयजल आपूर्ति, खेती पर निर्भर किसानों-मजदूरों के परिवारों के लिए अनाज की उपलब्धता तथा जलसंधारण के काम शुरू करने का प्रावधान किया गया है।
जिले में जून से सितंबर के अंतिम सप्ताह तक औसत की तुलना में महज 65 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है। सितंबर के अंतिम सप्ताह तक सामान्य 1,053 मिमी बारिश की अपेक्षा जिले में करीब 693 मिमी बारिश हुई है।
सबसे कम बारिश राजुरा तहसील में 55.4 प्रतिशत दर्ज की गई। मूल में 59.3 प्रतिशत, सिंदेवाही में 59.6 प्रतिशत, सावली में 62 प्रतिशत और नागभीड़ में 64.4 प्रतिशत बारिश हुई है। दूसरी ओर बल्लारपुर में 110 प्रतिशत, जिवती में 94.5 प्रतिशत और ब्रह्मपुरी में 83.6 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है।
कांग्रेस नेता एवं विधायक विजय वडेट्टीवार ने सरकार द्वारा जारी राहत संबंधी जीआर पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें पुराने प्रावधानों को ही दोहराया गया है। उन्होंने प्रभावित किसानों के खातों में तत्काल 1 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर सहायता जमा करने की मांग की।
वडेट्टीवार ने ब्रह्मपुरी तहसील को भी अकालग्रस्त सूची में शामिल करने की मांग की। उन्होंने 5 अक्टूबर तक पंचनामा प्रक्रिया पूरी करने की समयसीमा पर भी सवाल उठाते हुए तत्काल सहायता की मांग की। साथ ही उन्होंने केवल कर्ज वसूली स्थगित करने के बजाय बिना शर्त फसल ऋण माफी और 2.5 हेक्टेयर की सीमा हटाकर वास्तविक नुकसान के आधार पर मुआवजा देने की मांग रखी।