भंडारा

अतिक्रमण हटाने को लेकर ग्रामीणों की भूख हडताल, नीलज खुर्द गांव में दो गुटों में तनाव निर्माण

नवभारत डेस्क

भंडारा. मोहाड़ी तहसील के नीलज (खुर्द) की गट नं. 44 पर सरकारी जगह पर चल रहे निर्माण कार्य का अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने 27 मार्च से भूख हड़ताल शुरू कर दी है. इस वजह से गांव में विवाद का वातावरण निर्माण हो गया है.पंशासन से योग्य भूमिका लेकर विवाद की स्थिति निपटाने की मांग की गई है.

 नीलज (खुर्द) डेढ़ हजार लोगों की आबादी वाला एक छोटा सा गांव है. इस गांव के कई होनहार युवक-युवतियों ने खेलों का अभ्यास कर राष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाया है. उभरते खिलाडिय़ों के लिए बने मैदान पर अतिक्रमण कर निर्माण किया जा रहा है. वर्ष 2020 में ग्राम पंचायत ने गट क्रमांक 5 के स्थान पर मनरेगा के तहत मिट्टी डालकर नाले के किनारे वाले स्थान को समतल किया.

मिट्टी का काम हो जाने के बाद उस पर मुरम डालने के लिए छोड़ दिया गया.इस बीच कुछ लोगों ने इस जगह पर कब्जा कर लिया और भवन का निर्माण शुरू कर दिया. इसका गांव के लोग विरोध कर रहे हैं. ग्रामसेवक और पटवारी ने मौके पर जाकर शुरू निर्माण कार्य को बंद कर दिया. लेकिन, इसी बात को लेकर अक्सर दो गुटों के बीच कहासुनी हो जाती है.

तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी, पुलिस विभाग को ज्ञापन देकर अवगत कराने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया. इसलिए नीलज के कुछ नागरिक ग्राम पंचायत के सामने भूख हड़ताल पर बैठ गए  हैं. पूर्व सरपंच भगवान भोयर, भगवान आगाशे, संजय भोयर, विवाद मुक्त समिति के अध्यक्ष बाबूराव बोंद्रे, समाजसेवी सुभाष तितिरमारे, माधोराव राखड़े, प्रकाश तितिरमारे, बंसीलाल बिल्लोरे सहित अन्यों ने प्रशासन से इस विवाद के बढ़ने से पहले हस्तक्षेप कर इस स्थान को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है. 

राजस्व विभाग के अधिकारी आमने सामने

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