Sakoli Nikhil Rajkumar Kamble Murder Investigation: भंडारा जिले के साकोली शहर के गडकुंभली रोड परिसर में स्थित तालाब के किनारे घटित हुए सनसनीखेज निखिल राजकुमार कांबले हत्याकांड मामले में साकोली पुलिस ने अपनी जांच की रफ्तार को काफी तेज कर दिया है। वारदात में शामिल सभी आरोपियों को कानून के शिकंजे में कसने के बाद अब उन्हें अदालत में सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए पुख्ता सबूत इकट्ठा करने का कार्य किया जा रहा है।
इसी सिलसिले में साकोली पुलिस की एक विशेष टीम ने गडकुंभली रोड स्थित तालाब के गहरे पानी में उतरकर आधुनिक चुंबकीय उपकरणों की मदद से हत्या में इस्तेमाल किया गया मुख्य धारदार चाकू खोज निकाला है। इसके साथ ही पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त भारी पत्थर भी बरामद कर लिया है, जिससे इस हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाने में पुलिस को बहुत बड़ी कामयाबी मिली है।
पुलिस द्वारा की गई अब तक की प्रारंभिक जांच और पूछताछ में यह सनसनीखेज सच सामने आया है कि मृतक निखिल कांबले घटना वाली रात अपने दोस्तों के साथ देर रात तक परिसर में घूम रहा था। इसके बाद सभी दोस्त एक सुनसान जगह पर एक साथ बैठकर नशा कर रहे थे। इसी दौरान उनके बीच किसी पुराने विवाद को लेकर अचानक बहस शुरू हो गई। नशे की अत्यधिक हालत में होने के कारण दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज होने लगी और पुरानी रंजिश के चलते विवाद इतना ज्यादा बढ़ गया कि तैश में आए आरोपियों ने निखिल पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। निखिल के खून से लथपथ होकर जमीन पर गिरने के बाद घबराए आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से उसका शव तालाब परिसर में फेंक दिया और मौके से फरार हो गए।
इस नृशंस हत्याकांड को गंभीरता से लेते हुए साकोली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और मामले से जुड़े सभी मुख्य आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों में गणेश मनोहर वलथरे, कमलेश चुन्नीलाल कुकवास, सागर शंकर पारधी, ओमकार सुनील मेश्राम सहित एक विधि संघर्षग्रस्त बालक का समावेश है। पुलिस ने इन सभी को माननीय अदालत के समक्ष पेश किया, जहां से अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आरोपियों को 27 मई तक पुलिस हिरासत (पीसीआर) में भेजने का आधिकारिक आदेश जारी किया है।
आरोपियों द्वारा पुलिस कस्टडी में दिए गए कबूलनामे के आधार पर ही पुलिस ने तालाब परिसर में यह गहन तलाशी अभियान चलाया था। पानी के भीतर से धारदार चाकू और सिर पर वार करने के लिए इस्तेमाल किया गया भारी पत्थर मिलने के बाद, अब इन सभी भौतिक साक्ष्यों को फॉरेंसिक लैब में वैज्ञानिक परीक्षण के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इसके साथ ही, साकोली पुलिस की टेक्निकल सेल आरोपियों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स, घटना के समय की टावर लोकेशन और मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयानों का गहन विश्लेषण कर रही है ताकि अदालत में केस को पूरी तरह अकाट्य और मजबूत बनाया जा सके।