पोवारटोली पुनर्वास गांव (सोर्सः सोशल मीडिया) 
भंडारा

Bhandara News: पोवारटोली पुनर्वास गांव पर फिर संकट, अतिक्रमण से जल निकासी मार्ग बंद

Sakoli Encroachment Issue: भंडारा जिले के साकोली तहसील स्थित पोवारटोली पुनर्वास गांव में अतिक्रमण के कारण प्राकृतिक जल निकासी मार्ग बंद हो गया है।

महाराष्ट्र डेस्क

Powartoli Rehabilitation Village: भंडारा जिले के साकोली तहसील के परसोडी स्थित पोवारटोली पुनर्वास गांव में एक बार फिर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अतिक्रमण के कारण प्राकृतिक जल निकासी का मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है, जिससे बारिश का पानी सीधे घरों में घुस रहा है और लोगों के जीवन व संपत्ति पर खतरा पैदा हो गया है। ग्राम पंचायत सदस्य तुलसीदास पटले ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो ग्रामीणों के साथ जिला कलेक्टर कार्यालय पर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा।

ग्रामीणों के अनुसार, पोवारटोली के लोगों का पहले नदी में बाढ़ के खतरे के कारण पुनर्वास किया गया था, लेकिन अब नई बस्ती के पास ही अतिक्रमण कर प्राकृतिक जल निकासी मार्ग रोक दिया गया है। इसके कारण बरसात का पानी गांव में भरने लगा है और कई घरों में पानी प्रवेश कर रहा है। ग्राम पंचायत ने कई बार सीमांकन कराने और अतिक्रमण हटाने की मांग प्रशासन से की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कुछ दिन पहले नायब तहसीलदार और पटवारी ने मौके का निरीक्षण किया था, इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।

पोवारटोली में जलभराव का खतरा

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल भूमि का सीमांकन कर अतिक्रमण हटाया जाए तथा प्राकृतिक जल निकासी मार्ग को फिर से चालू किया जाए। अन्यथा ग्राम पंचायत और पोवारटोली के ग्रामीण लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करेंगे।

तहसीलदार को भेजा गया था पत्रग्रामीणों ने बताया कि 4 जून 2026 को ग्राम राजस्व अधिकारी, परसोडी ने वनाधिकार कानून के तहत विस्तारित भूमि के वनाधिकार पट्टे को मंजूरी देने के संबंध में तहसीलदार साकोली को पत्र भेजा था तथा इस संबंध में रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई थी।

सीमांकन और अतिक्रमण हटाने की मांग तेज

इसके बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार पत्राचार के बावजूद समाधान नहीं निकलना चिंता का विषय है और इसी कारण कभी भी सांकेतिक आंदोलन किया जा सकता है।

ग्राम पंचायत सदस्य तुलसीदास पटले ने कहा, 7 दिसंबर 2025 को पोवारटोली के ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन देकर आंदोलन किया था, लेकिन हमारी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया। यदि अब भी शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो गांव के सभी लोगों के साथ भंडारा जिला कलेक्टर कार्यालय पर जोरदार लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा।

Weather Update: देश भर में बारिश से हाहाकार! गुरुग्राम में हालात बेकाबू, 12 राज्यों में IMD का अलर्ट

आंध्र शराब परिवहन घोटाले में ED का बड़ा एक्शन, पूर्व विधायक करुमुरी वेंकट नागेश्वर राव गिरफ्तार

ABGH Recruitment 2026: सीनियर रेजिडेंट के 7 पदों पर भर्ती, ₹2.08 लाख तक सैलरी, जानें योग्यता और चयन प्रक्रिया

UP की महिलाओं का कमाल! 5 मिल्क कंपनियों ने 5,716 करोड़ का किया कारोबार, 3.88 लाख महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर

CJP के दीपके ने किसे बताया देश का सबसे बेस्ट PM? इन नेताओं को बताया बेस्ट CM