पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर (सोर्स: सोशल मीडिया)
भंडारा

भंडारा के आश्रमशालाओं में सुविधाएं नहीं तो जारी करें नोटिस, पालकमंत्री पंकज भोयर ने दिए सख्त निर्देश

Pankaj Bhoyar Review Meeting: भंडारा में पालकमंत्री पंकज भोयर ने आश्रमशालाओं में सुविधाओं की समीक्षा की। कमी मिलने पर नोटिस और विद्यार्थियों के जमीन पर सोने की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी।

आलोक उमाकृष्ण

Pankaj Bhoyar Review Meeting On Ashram Schools Facilities: पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने भंडारा जिला प्रशासन की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में अनुदान प्राप्त आदिवासी आश्रमशालाओं, आंगनवाड़ी भवनों और जिला अस्पताल के निर्माण कार्य की विस्तृत समीक्षा की।

बैठक में उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि आश्रमशालाओं का नियमित निरीक्षण कर विद्यार्थियों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। सुविधाओं के अभाव की स्थिति में संबंधित आश्रमशालाओं को तत्काल किया नोटिस जारी जाए।

जमीन पर न सोए कोई विद्यार्थी

पालकमंत्री ने एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना, भंडारा के परियोजना अधिकारी हेडाऊ को निर्देश दिए कि आश्रमशालाओं में कोई भी विद्यार्थी सुविधाओं की कमी के कारण जमीन पर न सोए, इस संबंध में प्रत्यक्ष स्थल निरीक्षण कर एक महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

अनेक आंगनवाडियां किराए के भवन में चल रही

समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि जिले की 165 आंगनवाड़ियों में से 81 के पास अपने भवन हैं, 2 स्कूल भवनों में चल रही हैं, जबकि 82 आंगनवाड़ियां किराए के मकानों में संचालित हैं। वहीं, भंडारा शहर की 52 आंगनवाड़ियों में से केवल 8 के पास अपने भवन हैं और 44 किराए की जगह में चल रही हैं।

जिला अस्पताल का हो स्ट्रक्चरल ऑडिट

परिसर में चल रहे निर्माण कार्य के मद्देनजर पालकमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता अभिजीत कुवेदार को निर्देश दिए कि अस्पताल की इमारत का स्ट्रक्चरल ऑडिट प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर आगे की कार्य योजना प्रस्तुत की जाए।

इस समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी सावन कुमार, पुलिस अधीक्षक नीलेश मोरे, अपर पुलिस अधीक्षक नीलेश भरने, निवासी उपजिलाधिकारी मनोहर चव्हान सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

अधिकारियों की संयुक्त समिति गठित करने के निर्देश

पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (पंचायत), नगर पालिका प्रशासन और बाल विकास परियोजना अधिकारियों की एक संयुक्त समिति गठित करने के निर्देश दिए। यह समिति जिले की सभी आंगनवाड़ियों का निरीक्षण कर नए भवनों के निर्माण और आवश्यक बुनियादी सुविधाओं (पेयजल, बारदिवारी, शौचालय) का प्रस्ताव व रिपोर्ट तैयार करेगी।

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