Bhandara Separate OBC Column: भंडारा जिले में ओबीसी समाज के लिए जनगणना में स्वतंत्र कॉलम शामिल किए जाने की मांग को लेकर आंदोलन तेज होता दिखाई दे रहा है। उपविभागीय कार्यालय भंडारा में आयोजित बैठक में जिले की लगभग 50 ग्राम पंचायतों के सरपंच, प्रशासक एवं नागरिक उपस्थित रहे। उपविभागीय अधिकारी और तहसीलदार ने सरपंचों से जनगणना बहिष्कार का निर्णय वापस लेने की अपील की, लेकिन सरपंच संगठन अपने रुख पर अडिग रहा।
सरपंचों ने एकमत से निर्णय लेते हुए कहा कि यदि जनगणना में ओबीसी समाज के लिए स्वतंत्र कॉलम का प्रावधान नहीं किया गया, तो ग्रामसभा के माध्यम से पूरे गांव स्तर पर जनगणना का बहिष्कार किया जाएगा। ओबीसी हितों को प्राथमिकता सकल ओबीसी महामोर्चा के मुख्य संयोजक उमेश कोर्राम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के अनेक महिला सरपंच और कम शिक्षित जनप्रतिनिधि भी सामाजिक न्याय तथा आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए ओबीसी समाज के अधिकारों के लिए मजबूती से खड़े हैं।
उन्होंने कहा कि प्रशासन के दबाव के बावजूद सरपंचों ने साहस दिखाते हुए ओबीसी हितों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ओबीसी समाज से जुड़े कई अधिकारी और कर्मचारी इस मुद्दे पर खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं। उनका कहना था कि समाज के हितों के लिए चल रहे आंदोलन में जनप्रतिनिधि सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जबकि अपेक्षित स्तर पर अधिकारियों का सहयोग दिखाई नहीं दे रहा है।
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इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने जनगणना प्रक्रिया के महत्व को बताते हुए बहिष्कार का निर्णय वापस लेने का अनुरोध किया, लेकिन सरपंच संगठन ने स्पष्ट किया कि ओबीसी की अलग गणना और स्वतंत्र कॉलम की मांग पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस निर्णय के बाद जिले में ओबीसी जनगणना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। अब प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच आगे की बातचीत पर सभी की नजरें टिकी हैं।