क्रांतिज्योति महिला संगठन जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपाते हूए (सोर्स- फोटो नवभारत)  
भंडारा

भंडारा में बाल श्रम का खौफनाक चेहरा, 15 वर्षीय छात्र ने नाली सफाई के दौरान गंवाया पैर का अंगूठा, भारी रोष

Bhandara Accident News: भंडारा के लाखनी तहसील में 15 साल के छात्र से नाली सफाई कराने और हादसे में पैर का अंगूठा कटने का मामला सामने आया है। महिला संगठन ने सरपंच और ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की है।

केतकी मोडक

Bhandara Child Labor Accident News: भंडारा जिले के लाखनी तहसील के कवडसी गांव में एक 15 वर्षीय स्कूली छात्र से नाली सफाई का काम कराए जाने का मामला सामने आया है। कार्य के दौरान हुए हादसे में समय पर उचित उपचार नहीं मिलने से छात्र को अपने पैर का अंगूठा गंवाना पड़ा। घटना के बाद क्षेत्र में रोष व्याप्त है। क्रांतिज्योति महिला संगठन ने इस मामले में दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

छात्र से 16 दिनों तक कराया नाली सफाई का काम

जानकारी के अनुसार, 15 वर्षीय किशोर कवडसी गांव में अपने दादा-दादी के पास रहकर कक्षा 10वीं की पढ़ाई कर रहा है। आरोप है कि ग्राम पंचायत सदस्य एवं नाली सफाई कार्य के ठेकेदार राजकुमार खंडाईत ने बीते मई महीने में उससे लगातार 16 दिनों तक नाली सफाई का कार्य कराया। 24 मई को कार्य के दौरान ठेकेदार ने उसकी क्षमता से अधिक वजन वाली सीमेंट की स्लैब उठाने को कहा। स्लैब उसके पैर पर गिरने से अंगूठा गंभीर रूप से घायल हो गया।

उचित उपचार न मिलने से संक्रमण बढ़ गया, और उपचार के दौरान संक्रमण फैल जाने के कारण 2 जून को शल्यक्रिया कर उसका अंगूठा काटना पड़ा। इस हादसे से छात्र को स्थायी दिव्यांगता का सामना करना पड़ा। महिला संगठन ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार राजकुमार खंडाईत, सरपंच मनीषा खंडाईत तथा स्वप्निल खंडाईत ने पीड़ित परिवार को सीमित आर्थिक सहायता देकर मामले को पुलिस तक पहुंचने से रोकने और स्वयं को बचाने का प्रयास किया। वहीं, उपचार करने वाले चिकित्सक पर भी पुलिस को सूचना न देने का आरोप लगाया गया है।

पीड़ित को मुआवजा दिलाने की मांग

क्रांतिज्योति महिला संगठन की संस्थापिका अश्विनी भिवगड़े के नेतृत्व में लाखनी तहसील के तहसीलदार के माध्यम से जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक, भंडारा को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में राजकुमार खंडाईत, मनीषा खंडाईत, स्वप्निल खंडाईत, ग्रामसेवक प्रदीप चेटूले तथा डॉ. हजारे के विरुद्ध बाल अधिकार संरक्षण कानून, बाल श्रम (प्रतिषेध) कानून तथा भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत तत्काल आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की गई है। संगठन ने पीड़ित छात्र को उचित आर्थिक मुआवजा, पुनर्वास तथा मामले की निष्पक्ष जांच की भी मांग की है।

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