inauguration delay (सोर्सः सोशल मीडिया) 
भंडारा

भव्य प्रशासकीय इमारत का लोकार्पण नहीं हुआ तो जनता स्वयं करेगी उद्घाटन, प्रशासन को सात दिन का अल्टीमेटम

Lakhandur Inauguration Delay: लाखांदुर में 13 करोड़ की लागत से बनी भव्य प्रशासकीय इमारत का एक वर्ष बाद भी लोकार्पण नहीं होने पर सर्वदलीय नेताओं ने प्रशासन को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है।

आंचल लोखंडे

Lakhandur Administrative Building: नागरिकों को बेहतर एवं गतिमान प्रशासनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लाखांदुर में लगभग 13 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित भव्य नवीन प्रशासकीय इमारत का निर्माण कार्य एक वर्ष पूर्व ही पूर्ण हो चुका है। इसके बावजूद अब तक इमारत का लोकार्पण नहीं होने से पूरे तहसील क्षेत्र में तीव्र रोष व्याप्त है।

इसी पृष्ठभूमि में गणतंत्र दिवस के अवसर पर सर्वदलीय नेताओं ने एकजुट होकर प्रशासन को सात दिन का कड़ा अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समयसीमा में लोकार्पण नहीं किया गया, तो जनता स्वयं लोकतांत्रिक तरीके से इस इमारत का उद्घाटन करेगी।

बचत का आदर्श, लेकिन उद्घाटन में देरी

यह प्रशासकीय इमारत न केवल भंडारा जिला, बल्कि पूरे विदर्भ क्षेत्र की एक अत्याधुनिक एवं सुसज्जित इमारत मानी जा रही है। उल्लेखनीय है कि जहाँ इस परियोजना के लिए 23 करोड़ रुपये की निधि स्वीकृत थी, वहीं इसे केवल 13 करोड़ रुपये में पूर्ण किया गया। अभियंताओं की इस कार्यकुशलता के कारण इमारत को राज्य शासन के पुरस्कार हेतु नामांकित भी किया गया है। इसके बावजूद केवल “तारीख उपलब्ध न होने” के कारण लोकार्पण लंबित रहने से नागरिकों को नई प्रशासनिक सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है, ऐसा आरोप लगाया जा रहा है।

राजनीतिक श्रेयवाद या प्रशासनिक लापरवाही?

इमारत पूर्ण रूप से तैयार होने के बावजूद उद्घाटन में हो रही देरी को लेकर नागरिकों में तीव्र नाराजगी है। क्या यह देरी राजनीतिक श्रेय लेने की होड़ या किसी वरिष्ठ नेता की अनुपलब्धता के कारण हो रही है? यह प्रश्न अब खुलेआम उठने लगा है। पिछले एक वर्ष से नई इमारत उपयोग में न आने के कारण नागरिकों को पुरानी, संकुचित एवं असुविधाजनक इमारत में काम करवाने को मजबूर होना पड़ रहा है।

सर्वदलीय नेताओं का आक्रोश

गणतंत्र दिवस के अवसर पर लाखांदुर में सभी राजनीतिक दलों के नेता एक मंच पर आए और प्रशासन की उदासीनता के खिलाफ आवाज बुलंद की। इस अवसर पर जिला परिषद भंडारा के पूर्व अध्यक्ष एड. वसंत एंचिलवार, नगराध्यक्ष विनोद ठाकरे, कृषि उत्पन्न बाजार समिति के सभापति डॉ. सुरेश ब्राह्मणकर, पंप सभापति पुरुषोत्तम ठाकरे, तहसील कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप बुराडे, भाजपा तहसील अध्यक्ष डेलिश ठाकरे, नगरसेवक बंटी सहजवानी, रज्जू पठाण, कृषि उत्पन्न बाजार समिति के उपसभापति देविदास पारधी, पंस सदस्य राजेश बगमारे, मनोज भुरले, जितेंद्र पारधी, सुभाष राऊत, राहुल कोटरंगे, मनोज मेश्राम सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

लोकतांत्रिक तरीके से जनता करेगी उद्घाटन

नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रशासन को जनता के धैर्य की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए। यदि सात दिनों के भीतर आधिकारिक रूप से लोकार्पण नहीं किया गया, तो सर्वसाधारण नागरिकों के हाथों लोकतांत्रिक तरीके से इस प्रशासकीय इमारत का उद्घाटन किया जाएगा।

प्रशासनिक दिरंगाई के चलते पहली बार जनता को इस प्रकार आक्रामक रुख अपनाने की नौबत आई है। अब पूरे तहसील की निगाहें प्रशासन के निर्णय पर टिकी हैं। सात दिनों में समाधान निकलता है या लाखांदुर में एक बड़े जनआंदोलन की शुरुआत होती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

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