Organic Farming (सोर्स: फाइल फोटो-सोशल मीडिया) 
भंडारा

महंगी होती खेती से परेशान किसान, जैविक खेती को बताया समय की जरूरत

Organic Farming: साकोली क्षेत्र में खेती की बढ़ती लागत और रासायनिक खाद-कीटनाशकों के बढ़ते उपयोग को लेकर किसानों और कृषि विशेषज्ञों ने चिंता जताई है।

महाराष्ट्र डेस्क

Sakoli Farmers Issues: रोगमुक्त जीवन जीने के लिए जैविक खेती द्वारा विषमुक्त अनाज उगाना आवश्यक है। रासायनिक खादों के बजाय सेंद्रीय खादों को अधिक महत्व देना जरूरी है। रासायनिक खाद तथा कीटकनाशकों का बेहताशा उपयोग कैंसर की बीमारी को बढ़ावा देते हैं। इन दिनों खेती उत्पादन प्रक्रिया महंगी साबित हो रही है। जिससे खेती के व्यवसाय में नुकसान हो रहा है। ऐसे में रासायनिक खेती के बजाय जैविक खेती की जरूरत है। कीटनाशकों के अधिक उपयोग पर रोक लगाने की जरूरत लंबे समय से महसूस की जाती रही है।

इसके मद्देनजर सरकार ने कुछ कीटनाशकों के खतरनाक प्रभावों को देखते हुए उन्हें प्रतिबंधित भी किया लेकिन फिर भी इनका उपयोग नहीं रुका।  खेती में कीटनाशक के ज्यादा उपयोग से भूमि की उर्वरक शक्ति कम हो रही है तथा यह कीटनाशक जमीन में रिसकर भूजल को विषैला बना रहा है। दूसरी ओर इसका स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है।

रासायनिक खेती बढ़ा रही लागत और बीमारियां

सब्जियों पर विभिन्न रसायनों का उपयोग उनके उत्पादन को बढ़ाने के लिए किया जाता है। इसके कारण इन सब्जियों के पोषण तत्व नष्ट होने से ये सब्जियां स्लो पाइजन साबित हो रही हैं क्योंकि ये मानव शरीर के लिए घातक हैं। किसानों के पास फसल के छिड़काव के लिए उपयोग की जाने वाली दवा के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं होने से वे जब कोई बताता है तो दवा का छिड़काव उसी तरह करते हैं। कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से मानव स्वास्थ्य पर पड़ रहे हानिकारक दुष्प्रभावों की खबरें आये दिन पढ़ने सुनने को मिलती हैं। कीटनाशकों पर पूरी तरह आश्रित देखने में आ रहा है कि आज अन्य फसलों के साथ सब्जी भाजी का उत्पादन इन कीटनाशकों पर पूरी तरह आश्रित होकर रह गया है। फसलों में लग रहे कीट, रोग, बीमारियां और खरपतवारों के निदान के लिए किसानों के सामने इन कीटनाशकों को प्रयोग करने के अलावा कोई दूसरा चारा भी नहीं रहता है।

रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों पर चिंता

विशेषज्ञों के अनुसार दिनबदिन व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता में गिरावट रासायनिक उर्वरकों के उपयोग के कारण होती है।

बढ़ती जा रही खेती की लागत

सेंदुरवाफा के किसान सुमीत लंजे ने कहा कि, खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। खाद, बीज और कीटनाशकों के दाम इतने बढ़ गए हैं कि मुनाफा तो दूर, खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है।

जैविक खेती अपनाने की अपील

साकोली के कृषि अधिकारी आदित्य घोगरे ने कहा कि अगर जैविक खेती को बढ़ावा और सही बाजार मिले, तो किसानों को जरूर राहत मिल सकती है। कोट घातक है रासायनिक खेती रासायनिक खेती से जमीन की उर्वरक क्षमता और मानव स्वास्थ्य दोनों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। जैविक खेती ही इसका दीर्घकालीन समाधान है, लेकिन इसके लिए किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षण लेना आवश्यक है, जागरूकता और बाजार की बेहतर व्यवस्था पर ध्यान देना जरूरी है।

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