Bhandara Kesalwada Village Drainage Water Entered Houses: भंडारा जिले के मोहाड़ी तहसील के अंतिम छोर पर तथा नागझिरा-कोका अभयारण्य की गोद में बसे केसलवाड़ा (जंगल) गांव में नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से बारिश के मौसम में नागरिकों की परेशानी बढ़ गई है।
रविवार को हुई बारिश का पानी गांव के कुछ घरों में घुस गया, जिससे घरेलू सामान का नुकसान हुआ। इससे पहले 27 जुलाई को भी भारी बारिश के दौरान ऐसी ही स्थिति बनी थी। बार-बार समस्या उत्पन्न होने के बावजूद ग्राम पंचायत प्रशासन द्वारा उचित कदम नहीं उठाए जाने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है।
केसलवाड़ा ग्रामीणों के अनुसार, गांव की सीमेंट-कंक्रीट नालियों की कई वर्षों से उचित सफाई नहीं हुई है। नालियों में बड़ी मात्रा में गाद, मिट्टी और कचरा जमा होने से वे जाम हो गई हैं। इसके चलते बारिश का पानी नालियों से निकलने के बजाय सड़कों और घरों की ओर बह रहा है।
नागझिरा-कोका अभयारण्य से सटे होने के कारण गांव में वन्यजीवों की आवाजाही भी रहती है। दुर्गम क्षेत्र में स्थित होने से नागरिकों को पहले से ही बिजली सहित अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
27 जुलाई की रात हुई तेज बारिश के दौरान ताराबाई बाबुराव कालसर्पे के घर के पास स्थित मोरी में करीब 75 प्रतिशत तक मिट्टी जमा थी। पानी की निकासी नहीं होने से बारिश का पानी उनके घर में घुस गया था और जरूरी सामान का नुकसान हुआ था। घटना के बाद नालियों की सफाई और मोरी से मिट्टी हटाने की मांग की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के कारण 23 अगस्त को फिर पानी घरों में घुस गया।
बार-बार घरों में पानी घुसने से सामान के नुकसान के साथ स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है। जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने तथा गंदगी और दुर्गंध से बीमारियां फैलने की आशंका है। ग्रामीणों ने पूरे गांव की नालियों का निरीक्षण कर तत्काल गाद, मिट्टी और कचरा हटाने की मांग की है।
भंडारा जिले के केसलवाड़ा ग्रामीणों ने ताराबाई कालसर्पे के घर हुए नुकसान का पंचनामा कर उचित आर्थिक सहायता देने की मांग की है। साथ ही मोरियों की मरम्मत कर पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था करने तथा भविष्य में जलभराव की समस्या रोकने के लिए तत्काल उपाययोजना करने की मांग की है।