Bhivkhidki Nursery: सामाजिक वानिकी विभाग की ओर से वर्ष 2015-16 में पवनी तहसील के भिवखिडकी में लाखों रुपये की लागत से विकसित किए गए आधुनिक रोपवन की वर्तमान स्थिति बेहद दयनीय हो गई है। अड्यालतिर्री प्राकृतिक मार्ग पर भिवखिडकी जलाशय के समीप स्थित यह रोपवन कभी हरियाली से भरपूर और पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र हुआ करता था, लेकिन पिछले दो वर्षों से इसकी लगातार उपेक्षा होने की चर्चा क्षेत्र में चल रही है।
इस परियोजना के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार मिलता था और प्रतिदिन कई मजदूर यहां कार्यरत रहते थे। विभिन्न प्रकार के पौधों, फूलों और वृक्षों के संरक्षण से पूरे क्षेत्र में प्राकृतिक सौंदर्य का वातावरण बना हुआ था। यही कारण था कि बड़ी संख्या में पर्यटक और प्रकृति प्रेमी यहां पहुंचते थे।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रोपवन की देखरेख में लापरवाही के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। लोगों ने क्षेत्रीय वन विभाग और सामाजिक वानिकी विभाग से स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच करने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार, वर्तमान में बचे हुए पौधों को सुरक्षित रखने के लिए केवल एक मजदूर के माध्यम से सिंचाई का कार्य किया जा रहा है। पौधशाला की बदहाल स्थिति को लेकर विभाग क्या कदम उठाता है, इस पर नागरिकों की नजर बनी हुई है।
भिवखिडकी रोपवन में सैकड़ों पौधे और पेड़ सूख चुके हैं, जबकि शेष पौधों के संरक्षण को लेकर भी चिंता व्यक्त की जा रही है। यहां सौर पंप, जलापूर्ति व्यवस्था, बाड़, शेडनेट और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद उनका प्रभावी उपयोग नहीं हो रहा है। केवल एक मजदूर के भरोसे सिंचाई व्यवस्था चलने से रोपवन का संरक्षण मुश्किल माना जा रहा है।
रोपवन में जलापूर्ति प्रणाली, सौर पंप, शेडनेट, बाड़, पौध संरक्षण बॉक्स, हाथगाड़ियां, पौधरोपण बैग सहित लाखों रुपये की सामग्री अनुपयोगी अवस्था में पड़ी होने की जानकारी सामने आई है। नागरिकों ने इस पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।