69 स्कूलों में किचन शेड नहीं सोर्स:AI
भंडारा

9,231 बच्चों के निवाले पर मंडराता संकट;भंडारा के 69 स्कूलों में किचन शेड ही नहीं; बुनियादी सुविधाओं का अभाव

Bhandara Schools Mid Day Meal: भंडारा जिले के 794 जिप स्कूलों में 69 में किचन शेड नहीं है। पीएम पोषण योजना के तहत 9,231 पात्र छात्रों को भोजन मिल रहा है।

मनीषा बोंदरे

Bhandara ZP Schools Kitchen Shed Shortage: स्कूली विद्यार्थियों को पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराने और स्कूलों में उनकी उपस्थिति बढ़ाने के उद्देश्य से जिले में पीएम पोषण योजना लागू है।

शिक्षा विभाग के अनुसार, जिले के कुल 92,312 विद्यार्थियों में से 9,231 पात्र छात्रों को इस योजना का सीधा लाभ मिल रहा है।

विद्यार्थियों को नियमित रूप से भोजन उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है, लेकिन कई स्कूलों में भोजन तैयार करने के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाओं का अभाव सामने आया है।

794 जिप स्कूलों में 69 में किचन शेड नहीं

भंडारा जिले में जिला परिषद, नगर परिषद, निजी अनुदानित और विनाअनुदानित मिलाकर कुल 1,290 स्कूल संचालित हैं। इनमें जिला परिषद के 794 स्कूल शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इनमें से 725 स्कूलों में किचन शेड की सुविधा है, जबकि 69 स्कूलों में किचन शेड नहीं है।

किचन शेड नहीं होने के कारण इन स्कूलों में भोजन तैयार करने के दौरान स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के मानकों के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। खुले या अस्थायी स्थानों पर भोजन तैयार करने से धूल, बारिश और अन्य कारणों से भोजन की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका रहती है।

मेन्यू में अलग-अलग पौष्टिक व्यंजन

पीएम पोषण योजना के तहत विद्यार्थियों को रोज एक जैसा भोजन न देकर मेन्यू में विविधता रखने का प्रयास किया गया है। इसमें मूंग दाल खिचड़ी, वेजिटेबल पुलाव, चवली खिचड़ी, मटकी की उसल, मसाले भात, मटर पुलाव और सोयाबीन वड़ी पुलाव जैसे व्यंजन शामिल हैं। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वादिष्ट होने के साथ पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है।

दो स्कूलों में मिली अस्वच्छता

हाल ही में महाराष्ट्र राज्य खाद्य आयोग की टीम ने जिले के चार स्कूलों का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान दो स्कूलों के रसोईघरों में अस्वच्छता पाए जाने की जानकारी सामने आई। आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

शिक्षा विभाग का कहना है कि भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाती है और जिले में फूड पॉइजनिंग की कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है।

केंद्र और राज्य मिलकर उठाते हैं खर्च

पीएम पोषण योजना के तहत विद्यार्थियों के भोजन के लिए निर्धारित मटेरियल कॉस्ट में केंद्र सरकार का 60 प्रतिशत और राज्य सरकार का 40 प्रतिशत हिस्सा होता है। 1 मई 2025 से लागू दरों के अनुसार बालवाटिका और प्राथमिक वर्ग के लिए 6.78 रुपए प्रति छात्र प्रतिदिन, जबकि उच्च प्राथमिक वर्ग के लिए 10.17 रुपए प्रति छात्र प्रतिदिन की सामग्री लागत निर्धारित है।

हालांकि, स्कूलों को निधि समय पर उपलब्ध कराने में व्यावहारिक समस्याएं होने की बात सामने आती रही है। योजना के सुचारू संचालन के लिए नियमित निगरानी के साथ स्कूलों में बुनियादी ढांचा मजबूत करने की जरूरत है।

भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान

जिला परिषद भंडारा की प्राथमिक शिक्षा अधिकारी निर्मला माने के अनुसार, सभी पात्र 9,231 विद्यार्थियों को नियमित और पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है। भोजन को स्वादिष्ट, पौष्टिक और सुरक्षित बनाने के लिए स्कूल स्तर पर स्वच्छता और खाद्य गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

अब 69 स्कूलों में किचन शेड उपलब्ध कराने और भोजन तैयार करने की व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने पर ध्यान देना जरूरी माना जा रहा है।

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