

Gondia PM Poshan Operators Regularization: महाराष्ट्र के स्कूलों में लाखों विद्यार्थियों के पोषण से जुड़ी प्रधानमंत्री पोषणशक्ति निर्माण योजना का काम संभालने वाले करीब 300 ऑपरेटर अस्थिरता के दौर से गुजर रहे हैं। संख्या भले ही केवल 300 के आसपास है, लेकिन इन कर्मचारियों के भविष्य का सवाल बेहद गंभीर है। विद्यार्थियों के पोषण आहार से संबंधित जानकारी, रिकॉर्ड, रिपोर्ट और ऑनलाइन कार्यों की जिम्मेदारी उन्होंने वर्षों से पूरी निष्ठा के साथ निभाई है। "काम स्थायी, जिम्मेदारी स्थायी, लेकिन सेवा अब भी ठेका पद्धति पर क्यों?"
हाल ही में सरकार ने समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत 30 जून 2026 तक 10 वर्ष या उससे अधिक अवधि तक ठेका सेवा पूर्ण करने वाले 3,276 कर्मचारियों को विशेष मामले के रूप में समकक्ष वेतन श्रेणी के अधिसंख्य पदों का निर्माण कर नियुक्ति देने को मंजूरी दी है। ऐसे में प्रधानमंत्री पोषणशक्ति निर्माण योजना में कार्यरत करीब 300 ऑपरेटरों को भी सरकार सहानुभूतिपूर्वक विचार कर एकमुस्त नियमित क्यों नहीं कर सकती ? ऐसा सवाल अब कर्मचारियों की ओर से उठाया जा रहा है।
वे भी शासन की योजनाओं को सफल बनाने के लिए वर्षों से काम कर रहे हैं। इसलिए उन्हें भी समान न्याय देते हुए सेवा में स्थायित्व प्रदान किया जाए। यह मांग पीएम-पोषण योजना के राज्याध्यक्ष दीपक पसरटे, राज्य संगठक सिद्धार्थ सोनकांबडे, गोंदिया जिलाध्यक्ष गौरव रामेवार, शीतल फुल्लूके, स्मिता करंजेकर, रविंद्र रहांगडाले, निशरत शेख, शुभम उईके, यश गडपल्लीवार, पायल हुकरे, प्राजक्ता बोहरे सहित कर्मचारियों ने निवासी जिलाधिकारी भैयासाहेब बेहेर को सौंप गए ज्ञापन में की है।
हमारी संख्या कम है, इसलिए हमारी समस्याओं को नजरअंदाज न किया जाए। हमने भी वर्षों तक शासन की सेवा की है। शासन की महत्वपूर्ण योजना का काम पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी से किया है। यदि अन्य कर्मचारियों को न्याय मिल रहा है, तो हमें भी उसी आधार पर न्याय मिलना चाहिए। वर्षों से शासन की योजना के लिए योगदान देने वाले इन कर्मचारियों को अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि उनकी सेवा के साथ उचित न्याय चाहिए। शासन को बिना किसी भेदभाव के योजना के सभी ऑपरेटरों का सामूहिक रूप से विचार करते हुए उन्हें स्थायी सेवा सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए।