Bhandara Rice Bowl: भोजन केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन का आधार भी है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए प्रतिवर्ष 7 जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया जाता है। कृषि प्रधान भंडारा जिला, जो अपनी पहचान धान का कटोरा के रूप में रखता है, अब सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ खाद्य उत्पादन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिले में वर्तमान में 2 लाख 38 हजार 794 खातेदार किसान हैं। वर्ष 202526 में जिले ने 12,748.5 मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन किया, जबकि वर्ष 202627 के लिए 13,024 मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
वर्ष 202526 में 1 लाख 83 हजार 714 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती कर 4,144.59 मीट्रिक टन उत्पादन प्राप्त हुआ। अब उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ जैविक खेती, उन्नत बीज चयन, बीज उपचार तथा राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन जैसी योजनाओं के माध्यम से खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
जैविक कृषि को बढ़ावा कृषि विभाग द्वारा महाविस्तार ऐप के माध्यम से किसानों को फसल नियोजन, मौसम पूर्वानुमान और जैविक खेती संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। वर्ष 202627 के लिए 4,625 मीट्रिक टन धान तथा 616 मीट्रिक टन तूर उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। जिले में जैविक उर्वरकों के उपयोग, फार्म लैब की स्थापना और जैविक कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है।
साथ ही 878 गांवों में महाकृषि ऐप अभियान और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण अभियान के तहत 820 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रायोगिक प्रदर्शन किए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक तकनीक और जैविक खेती के समन्वय से भंडारा जिला आने वाले वर्षों में सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उत्पादन का नया उदाहरण प्रस्तुत कर सकता है।