Bhandara Vehicle Checking RTO Technology Traffic Rules: भंडारा उपप्रादेशिक परिवहन कार्यालय को वाहन जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए 10 बॉडीवॉर्न कैमरे मिले हैं। अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन कैमरों का सड़क पर इस्तेमाल शुरू होगा।
यातायात नियमों के पालन को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए भंडारा उपप्रादेशिक परिवहन कार्यालय आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने जा रहा है। वाहन जांच के दौरान अधिकारियों और वाहन चालकों के बीच होने वाली बातचीत और घटनाओं की रिकॉर्डिंग के लिए विभाग को 10 बॉडीवॉर्न कैमरे प्राप्त हुए हैं।
इन कैमरों की मदद से जांच के दौरान होने वाली पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध रहेगी। इससे किसी शिकायत की स्थिति में घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति सामने लाने, गलतफहमियां दूर करने और कार्रवाई की पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी। संबंधित मोटर वाहन निरीक्षकों और सहायक मोटर वाहन निरीक्षकों को कैमरों के संचालन का प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
सड़क पर वाहनों की जांच, दस्तावेजों के सत्यापन और यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई के दौरान कई बार अधिकारियों और वाहन चालकों के बीच विवाद की स्थिति बन जाती है। ऐसे मामलों में बॉडीवॉर्न कैमरे से प्राप्त वीडियो रिकॉर्डिंग डिजिटल सबूत के रूप में उपयोगी होगी।
रिकॉर्डिंग के आधार पर शिकायतों की जांच और विवादों का निष्पक्ष निपटारा किया जा सकेगा। अधिकारी और वाहन चालक, दोनों के व्यवहार का रिकॉर्ड उपलब्ध रहने से कार्रवाई के दौरान होने वाले विवादों को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
भंडारा RTO की ओर से पिछले छह महीनों में यातायात नियमों के उल्लंघन के 2,056 मामले दर्ज किए गए हैं। ऐसे में वाहन जांच प्रक्रिया में तकनीक के इस्तेमाल से कार्रवाई का दस्तावेजीकरण और अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है।
इन बॉडीवॉर्न कैमरों में 4K वीडियो रिकॉर्डिंग, 4G और वाई-फाई कनेक्टिविटी, GPS, फोटोग्राफी, नाइट विजन और डेटा स्टोरेज जैसी सुविधाएं हैं। सड़क पर कार्रवाई के दौरान रिकॉर्ड की गई जानकारी भविष्य में शिकायतों के सत्यापन और प्रशासनिक निर्णयों में भी उपयोगी होगी।
उपप्रादेशिक परिवहन अधिकारी नीलेश ढोटे ने बताया कि कंपनी की ओर से अधिकारियों को कैमरों के संचालन का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। फिलहाल डॉकिंग स्टेशन में तकनीकी खराबी के कारण कैमरों को मरम्मत के लिए भेजा गया है। डेटा सुरक्षा, सर्वर कनेक्टिविटी और एसओपी तय होने के बाद इनका प्रत्यक्ष उपयोग शुरू किया जाएगा।