भंडारा ओबीसी महामोर्चा (सोर्सः सोशल मीडिया)
भंडारा

भंडारा में ओबीसी समाज का महामोर्चा, जातिवार जनगणना और आरक्षण सहित कई मांगें उठाईं

OBC Caste Census Demand: भंडारा में ओबीसी समाज ने स्वतंत्र जातिवार जनगणना, आरक्षण, 100 प्रतिशत छात्रवृत्ति और सामाजिक अधिकारों की मांग को लेकर महामोर्चा निकाला।

आंचल लोखंडे

Highlights:

  • भंडारा में ओबीसी समाज ने स्वतंत्र जातिवार जनगणना और आरक्षण की मांग को लेकर विशाल महामोर्चा निकाला।

  • हजारों की संख्या में महिला, पुरुष, युवा और विद्यार्थी आंदोलन में शामिल हुए।

  • विमुक्त जातियों, घुमंतू जनजातियों और विशेष पिछड़ा वर्ग के लिए जनगणना में अलग कॉलम रखने की मांग की गई।

Bhandara OBC Mahamorcha: ओबीसी समाज की स्वतंत्र जातिवार जनगणना, विमुक्त जातियों, घुमंतू जनजातियों और विशेष पिछड़ा वर्ग के लिए अलग पंजीकरण, शिक्षा एवं नौकरी में आरक्षण सहित सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक अधिकारों की विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार, 2 नवंबर को भंडारा में ओबीसी समाज सड़कों पर उतरा। हजारों लोगों की भागीदारी वाला महामोर्चा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए सीधे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा।

विभिन्न संगठनों, सामाजिक संस्थाओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की भागीदारी से आंदोलन ने व्यापक स्वरूप ले लिया। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने पर आंदोलन को और तेज करने का संकल्प भी व्यक्त किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार को मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। सांसद डॉ. प्रशांत पडोले, पूर्व विधायक चरण वाघमारे सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता इसमें शामिल हुए।

अलग कॉलम रखने की मांग

महामोर्चे की प्रमुख मांग ओबीसी समाज की स्वतंत्र जातिवार जनगणना रही। आंदोलनकारियों ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की तर्ज पर ओबीसी समाज की अलग गणना करने तथा विमुक्त जातियों, घुमंतू जनजातियों और विशेष पिछड़ा वर्ग के लिए जनगणना में अलग कॉलम रखने की मांग की।

स्वतंत्र गणना के अभाव में ओबीसी समाज की वास्तविक जनसंख्या, सामाजिक स्थिति और विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिनिधित्व की सही तस्वीर सामने नहीं आ पाएगी। इस मांग को लेकर 11 मई से भंडारा जिलाधिकारी कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन भी जारी है। आरक्षण और किसानों के मुद्दे भी उठाए।

100 प्रतिशत छात्रवृत्ति प्रदान करें

आंदोलनकारियों ने ओबीसी विद्यार्थियों को 100 प्रतिशत छात्रवृत्ति देने, जनसंख्या के अनुपात में बजट में अलग निधि का प्रावधान करने, क्रिमीलेयर की शर्त रद्द करने और पदोन्नति में आरक्षण लागू करने की मांग की। महामोर्चे में ओबीसी संघर्ष समिति, जिला भंडारा और सकल ओबीसी महामोर्चा के मुख्य समन्वयक सदानंद इलमे, प्रभाकर वैरागडे, डॉ. बालकृष्ण सार्वे, संजय मते, मंगला वाडीभस्मे, रमेश शहारे, रोशन उस्कुडे, पंजाब कारेमोरे, विष्णुदास जगनाडे, अरुण जगनाडे, तुलसीराम बोंद्रे, मनोहर टिचकुले, सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

नारों से गूंज उठा समूचा शहर

महामोर्चे में महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया, हाथों में मांगों के फलक, सिर पर पीली टोपियां और कंधों पर पीले दुपट्टे पहने आंदोलनकारी आकर्षण का केंद्र रहे। विभिन्न मांगों के समर्थन में लगाए गए नारों से शहर के प्रमुख मार्ग गूंज उठे। उत्स्फूर्त नारेबाजी, एकजुटता का प्रदर्शन और भारी जनभागीदारी के कारण महामोर्चे ने व्यापक स्वरूप हासिल किया। महिलाओं और युवाओं की उल्लेखनीय उपस्थिति आंदोलन का विशेष आकर्षण रही।

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