Bhandara Hostel Admission: बहुजन कल्याण विभाग की ओर से पिछले वर्ष राज्य के प्रत्येक जिले में अन्य पिछड़ा वर्ग ओबीसी के छात्र-छात्राओं के लिए 100100 सीटों की क्षमता वाले छात्रावास शुरू किए गए थे। इसी योजना के तहत भंडारा शहर में भी लड़कों और लड़कियों के लिए अलगअलग एकएक छात्रावास की शुरुआत की गई। हालांकि, शुरुआती वर्ष होने के कारण बहुजन कल्याण विभाग विद्यार्थियों को पर्याप्त सुविधाएं और बुनियादी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है। वर्तमान में ये छात्रावास किराए के भवनों में संचालित किए जा रहे हैं, जहां जगह की कमी और व्यवस्थाओं का अभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
प्रचार-प्रसार के अभाव में खाली रहीं सीटेंप्रारंभिक वर्ष होने और प्रचारप्रसार की कमी के कारण पिछले शैक्षिक सत्र में इन छात्रावासों की सभी सीटें नहीं भर सकी थीं। सत्र के दौरान विद्यानगर गणेशपुर स्थित बालिकाओं के छात्रावास में 92 छात्राओं ने प्रवेश लिया था, जबकि गणेशपुर स्थित बालकों के छात्रावास में स्थिति और भी चिंताजनक रही, जहां 100 में से केवल 62 छात्र ही दाखिला ले सके। इस प्रकार लड़कों के छात्रावास में 38 सीटें पूरी तरह खाली रह गईं।नए सत्र में प्रवेश शुरूअब चालू शैक्षिक वर्ष के लिए दूसरे सत्र की ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस वर्ष विभाग व्यवस्थाओं में कितना सुधार कर पाता है और कितने छात्र-छात्राएं प्रवेश प्राप्त करते हैं।प्रस्ताव की स्वीकृति का इंतजारकिराए के मकानों में आ रही समस्याओं को देखते हुए बहुजन कल्याण विभाग ने स्वयं की स्थायी इमारत बनाने की दिशा में कदम उठाए हैं।
ओबीसी छात्रों के छात्रावास के निर्माण के लिए भिलेवाड़ा क्षेत्र में उपयुक्त भूमि का चयन किया गया है, जबकि छात्राओं के छात्रावास के लिए जकातदार कन्या विद्यालय परिसर में भूमि की तलाश की गई है। इस संबंध में भूमि आवंटन का एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर जिलाधिकारी कार्यालय को भेजा गया है। फिलहाल विभाग को जिलाधिकारी कार्यालय से इस प्रस्ताव की स्वीकृति मिलने का इंतजार है, ताकि नई इमारत का निर्माण कार्य शुरू हो सके और विद्यार्थियों को बेहतर माहौल मिल सके।