Bhandara Nursing School Student Safety: भंडारा जिला सामान्य अस्पताल में प्रैक्टिकल ड्यूटी के बाद हॉस्टल लौट रही नर्सिंग छात्राओं का वाहन अस्पताल गेट के बाहर अचानक खराब हो गया।
पहले पेट्रोल खत्म होने की बात सामने आई, लेकिन पेट्रोल डालने के बाद भी वाहन स्टार्ट नहीं हुआ। रात में छात्राओं को वाहन धक्का लगाना पड़ा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और छात्राओं को सुरक्षित हॉस्टल पहुंचाया।
भंडारा, ब्यूरो जिला सामान्य अस्पताल में प्रैक्टिकल ड्यूटी पूरी करने के बाद मंगलवार रात करीब 8 बजे हॉस्टल लौट रही नर्सिंग छात्राओं के सामने उस समय परेशानी खड़ी हो गई, जब अस्पताल के गेट के बाहर उनका वाहन अचानक बंद हो गया। पहले वाहन में पेट्रोल खत्म होने की बात सामने आई। पेट्रोल डालने के बाद भी वाहन स्टार्ट नहीं हुआ। इसके बाद छात्राओं को रात के अंधेरे में वाहन को धक्का लगाने की नौबत आ गई।
जानकारी के अनुसार, कारधा स्थित नर्सिंग स्कूल के विद्यार्थियों की जिला सामान्य अस्पताल में दोपहर से रात 8 बजे तक प्रैक्टिकल ड्यूटी रहती है। विद्यार्थियों की आवाजाही के लिए स्कूल प्रबंधन की ओर से वाहन की व्यवस्था की जाती है।
उस दिन वाहन में तकनीकी खराबी आने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता विजय क्षीरसागर ने भंडारा पुलिस निरीक्षक उल्हास भुसारी को इसकी सूचना दी। इसके बाद पुलिस वाहन मौके पर पहुंचा और छात्राओं को हॉस्टल तक पहुंचाया गया।
बताया जा रहा है कि संबंधित वाहन सात सीटों वाला है, जबकि उस दिन करीब 13 से 15 विद्यार्थियों को उसमें ले जाने की बात सामने आई है। हालांकि स्कूल प्रबंधन ने बताया कि नियमित वाहन सर्विसिंग के लिए भेजा गया था। इसके चलते वैकल्पिक वैन की व्यवस्था की गई थी और एक बार में आठ विद्यार्थियों को ले जाने तथा दो फेरियों में परिवहन करने के निर्देश दिए गए थे।
भंडारा पुलिस की ओर से वाहन की क्षमता, फिटनेस और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
भंडारा जिला सामान्य अस्पताल में प्रैक्टिकल ड्यूटी के बाद हॉस्टल लौट रही नर्सिंग छात्राओं का वाहन अस्पताल गेट के बाहर अचानक खराब हो गया। एआईएसएफ के राज्य सचिव वैभव चोपकर ने कहा कि रात के समय छात्राओं को सड़क पर वाहन धकेलने की नौबत आना सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करता है। उन्होंने मामले की वस्तुनिष्ठ जांच कर छात्राओं के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
स्कूल के संस्थापक गिरीश विराणी ने बताया कि नियमित वाहन सर्विसिंग के लिए भेजा गया था, इसलिए उस दिन वैकल्पिक छोटी वैन का इस्तेमाल किया गया। तकनीकी खराबी के कारण यह स्थिति बनी। उन्होंने भविष्य में ऐसी स्थिति न होने देने के लिए आवश्यक सावधानी बरतने और संबंधित वाहन कर्मचारी से पूछताछ कर कार्रवाई करने की बात कही।