भंडारा अस्पताल और डॉ. नीतेश बाजपेयी (सौजन्य-नवभारत)  
भंडारा

भंडारा-गोंदिया नवजात तस्करी मामले में फंसा डॉक्टर, गिरफ्तारी से बचने के लिए हाई कोर्ट तक लगाई गुहार!

Bhandara Child Trafficking Case: भंडारा नवजात बिक्री कांड में मुख्य आरोपी डॉ. नीतेश बाजपेयी की अग्रिम जमानत पर टिकी नजरें। इलाज के बहाने 10 दिन की बच्ची को 2 लाख में बेचने का आरोप।

प्रिया जैस

Newborn Trafficking Racket Maharashtra: उपचार के बहाने माता-पिता को गुमराह कर मात्र 10 दिन की नवजात बालिका की बिक्री करने के मामले में मुख्य सूत्रधार डा. नीतेश बाजपेयी अब गिरफ्तारी के डर से अग्रिम जमानत के लिए प्रयासरत है।

वरठी पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन द्वारा उजागर किए गए इस सनसनीखेज तस्करी प्रकरण में आरोपी डॉक्टर ने जिला न्यायालय और नागपुर हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की है। हालांकि गुरुवार को भंडारा न्यायालय में इस जमानत अर्जी पर सुनवाई नहीं हो सकी।

ऐसे हुआ तस्करी का खुलासा

पुलिस सूत्रों के अनुसार 2 फरवरी को चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचना मिली कि भंडारा जिले के पांढराबोडी निवासी मालती वाघमारे अपने घर 10 दिन की नवजात बच्ची लाई है। जांच शुरू होते ही संबंधित महिला बच्ची को लेकर फरार हो गई। वरठी पुलिस ने तुरंत नाकाबंदी कर मोहाडी के पास कुशारी फाटा पर एक वाहन को रोका। जांच के दौरान पौर्णिमा धुर्वे नामक महिला के पास से नवजात बालिका बरामद हुई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गोंदिया के एक डॉक्टर के कहने पर यह पूरी तस्करी की जा रही थी।

इलाज के नाम पर धोखाधड़ी और सौदा

जांच में सामने आया कि बच्ची के असली माता-पिता गोंदिया निवासी हैं और उनके पहले से दो बच्चे हैं। समयपूर्व जन्म के कारण नवजात की तबीयत नाजुक थी। गोंदिया के डॉक्टर ने इलाज का खर्च अधिक बताकर माता-पिता को डराया और नागपुर की एक संस्था में मुफ्त इलाज का झांसा देकर बच्ची को अपने कब्जे में ले लिया। वास्तविकता में बच्ची का सौदा किया गया था। मालती वाघमारे द्वारा डॉक्टर के सहयोगी के खाते में 2 से 2.5 लाख रुपये चेक के माध्यम से जमा करने की पुष्टि हुई है।

  • 2 लाख में नवजात का सौदा
  • 10 दिन की बच्ची की बिक्री

वाट्सऐप चैटिंग से खुला राज

तफ्तीश के दौरान ललेश्वरी सादेपाच नामक महिला और बच्ची के माता-पिता अस्पताल पहुंचे और बच्ची को दत्तक देने का दावा किया, लेकिन उनके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। आधार कार्ड की जांच के लिए ललेश्वरी का मोबाइल खंगालने पर उसमें डॉ. नीतेश बाजपेयी के साथ लेन-देन से संबंधित व्हॉट्सऐप चैट और बच्ची के फोटो मिले, जिससे पूरे रैकेट का पर्दाफाश हुआ।

पांच आरोपियों पर मामला दर्ज

पुलिस ने इस मामले में पांच मुख्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने ललेश्वरी सादेपाच (गोंदिया) को हिरासत में लिया है। जबकि डॉ. नीतेश बाजपेयी (गोंदिया) मुख्य सूत्रधार है। अन्य फरार आरोपियों में पौर्णिमा धुर्वे (गोंदिया), उमेशसिंह गहलोत (गोंदिया), मालती वाघमारे (भंडारा) बच्ची खरीदने वाली महिला शामिल है।

नवजात की हालत स्थिर

करीब 1300 ग्राम वजन की नवजात बालिका फिलहाल जिला अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने आशंका जताई है कि जांच आगे बढ़ने पर इस मामले में और भी आरोपियों के नाम सामने आ सकते हैं।

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