अकाल के बीच रोजगार  सोर्स: सोशल मीडिया
भंडारा

अकाल संकट के बीच रोजगार की तैयारी, भंडारा में 3,660 कामों से मिलेगा रोजगार; 3.12 लाख जॉब कार्डधारक परिवार

Bhandara Drought Employment Plan: भंडारा में अकाल संकट के बीच ग्रामीण रोजगार की तैयारी। 3,660 कार्यों से 31.11 लाख मानव दिवस रोजगार सृजन का अनुमान, 3.12 लाख जॉब कार्डधारक परिवार पंजीकृत।

मनीषा बोंदरे

Bhandara Rural Employment Employment Guarantee: भंडारा जिले में अकाल जैसे हालात के बीच ग्रामीण मजदूरों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने 3,660 कामों को शेल्फ पर रखा है। इन कार्यों से करीब 31.11 लाख मानव दिवस रोजगार सृजित होने का अनुमान है। जिले में 3,12,601 जॉब कार्डधारक परिवार और 6,43,828 पंजीकृत मजदूर हैं।

3.12 लाख परिवारों के पास जॉब कार्ड

भंडारा जिले में कुल 3,12,601 जॉब कार्डधारक परिवार पंजीकृत हैं। इनमें 6,43,828 मजदूरों के नाम दर्ज हैं। अकाल जैसे हालात में ग्रामीण मजदूरों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने विभिन्न सरकारी एजेंसियों के माध्यम से कामों का नियोजन किया है।

वर्तमान में मांग के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिले की कुल 541 ग्राम पंचायतों में से 530 ग्राम पंचायतों में मजदूरों की मांग के अनुसार काम उपलब्ध कराया जा चुका है।

36,103 मजदूरों ने मांगा काम

विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी (वीबी जी राम जी) योजना के तहत 1 जुलाई 2026 से अब तक 36,103 मजदूरों ने रोजगार की मांग की है। प्रशासन के अनुसार मांग करने वाले जरूरतमंदों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इसके लिए अब तक 1,116.62 लाख रुपये की निधि खर्च की जा चुकी है।

फिलहाल भंडारा जिले में 2,022 कार्य प्रत्यक्ष रूप से चल रहे हैं, जिनमें 4,189 मजदूर काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना, पौधारोपण, नर्सरी निर्माण और अन्य ग्रामीण विकास कार्यों को भी रोजगार से जोड़ा गया है।

अब 375 प्रकार के काम

वीबी जी राम जी योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में अब 375 प्रकार के कार्य कराए जा सकेंगे। पहले 266 प्रकार के कार्य शामिल थे। यानी कार्यों की संख्या में करीब 41 प्रतिशत वृद्धि हुई है।

इनमें जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, जलापूर्ति योजनाएं, कचरा एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, कृषि प्रसंस्करण केंद्र, कोल्ड स्टोरेज, डेयरी व्यवसाय, पॉलीहाउस निर्माण, आपदा पूर्व तैयारी और बाढ़ नियंत्रण जैसे काम शामिल हैं।

रबी सीजन के लिए भी तैयारी

आगामी रबी सीजन में यदि रोजगार की मांग बढ़ती है तो उससे निपटने के लिए 3,660 कार्यों का शेल्फ तैयार रखा गया है। इन कार्यों से करीब 31.11 लाख मानव दिवस रोजगार सृजित होने का अनुमान है।

उपजिलाधिकारी प्रशांत पढधन के अनुसार, ग्राम पंचायतों से मांग प्राप्त होते ही स्वीकृत शेल्फ से काम शुरू कर मानव दिवस सृजित करने की व्यवस्था तैयार है। मनरेगा विभाग के अनुसार मजदूरों को उनकी मजदूरी का भुगतान निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जा रहा है।

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