Forest Officer Shrinivas Lakhamawar Arrested: महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री एवं बीड जिले की पालकमंत्री सुनेत्रा पवार की अध्यक्षता में जिला नियोजन समिति की बैठक में शामिल होने के कुछ ही घंटे बाद सामाजिक वन विभाग के विभागीय वन अधिकारी श्रीनिवास लखमावार एसीबी के जाल में फंस गए। एसीबी ने उनके निवास पर छापा मारकर 45 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई ने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है।
बताया जा रहा है कि विभागीय वन अधिकारी श्रीनिवास लखमावार पहले बैठक में शामिल हुए। बैठक समाप्त होने के बाद वह अपने निवास पहुंचे, जहां पहले से योजना बनाकर पहुंची एसीबी टीम ने उन्हें रिश्वत की रकम स्वीकार करते ही दबोच लिया।
आरोप है कि वर्ष 2025-26 के वृक्षारोपण कार्यों के बिल मंजूर करने, कर्मचारियों का बकाया वेतन जारी कराने तथा निलंबन संबंधी कार्रवाई वापस लेने के एवज में 45 लाख की रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत मिलने के बाद छत्रपति संभाजीनगर एसीबी ने मामले का सत्यापन किया और उसके बाद जाल बिछाकर कार्रवाई की।
बीड एसीबी की कार्रवाई में कुल 45 लाख रुपये की राशि दिखाई गई, जिसमें 5 लाख रुपये असली नोट थे, जबकि 40 लाख रुपये डमी (मनोरंजन बैंक) के नोट थे। जैसे ही आरोपी अधिकारी ने रकम स्वीकार की, एसीबी टीम ने उन्हें मौके पर ही हिरासत में ले लिया।
मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। छत्रपति संभाजीनगर एसीबी की अधीक्षक माधुरी कांगणे भी जांच के लिए बीड पहुंच गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और रिश्वत प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल होगी।
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एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ इतनी बड़ी कार्रवाई के बाद जिले के प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। चर्चा है कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश मानी जा रही है और आने वाले दिनों में ऐसे मामलों पर और कड़ी निगरानी रखी जाएगी।