Shrikant Shinde Beed Visit Rasool Syed Death: महाराष्ट्र में जारी भीषण गर्मी और राजनीतिक दौरों के बीच आम जनता को किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, इसकी एक हृदयविदारक तस्वीर बीड में देखने को मिली है। केज में आयोजित इस राजनीतिक कार्यक्रम में अपनी फरियाद लेकर पहुंचे रसूल गफूर सैयद बुनियादी सुविधाओं और भीड़ प्रबंधन की कमी के कारण मौत के मुंह में समा गए। मृतक के दूसरे बेटे पाशा सैयद ने रुआंसे गले से बताया कि उनका परिवार एक बड़े हादसे से उबरने के लिए यहां मदद की उम्मीद लेकर आया था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
रसूल सैयद के बेटे पाशा ने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 10 मई को उनका भाई, अपनी पत्नी, बच्चों और अन्य रिश्तेदारों के साथ धनेगांव स्थित अपने मामा के घर गया था। वहां से लौटते समय उन्होंने रास्ते में स्थित एक झील को देखने का फैसला किया। झील के किनारे पानी में उतरते समय अचानक भाई की छोटी बेटी का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूबने लगी। भाई को तैरना नहीं आता था, लेकिन अपनी सगी बेटी को मौत के मुंह में जाते देख उसने बिना सोचे-समझे पानी में छलांग लगा दी। उसने अपनी मासूम बच्ची को तो सुरक्षित बाहर खींच लिया, लेकिन गहराई का अंदाजा न होने के कारण वह खुद पानी में डूब गया।
इस भयानक हादसे के बाद पूरा सैयद परिवार टूट चुका था और घर के कमाऊ सदस्य की मौत के बाद आर्थिक संकट से जूझ रहा था। परिवार को सरकारी सहायता दिलाने के लिए रसूल सैयद ने पहले तालुका अध्यक्ष से चर्चा की थी और उनके कहने पर ही वे सांसद के समक्ष बयान और आवेदन देने पहुंचे थे। पाशा सैयद ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर पैर रखने तक की जगह नहीं थी। मई की भीषण और चिलचिलाती गर्मी के कारण वहां हवा पूरी तरह बंद थी, जिससे उनके पिता को अचानक सांस लेने में तकलीफ और सीने में तेज दर्द होने लगा, जो देखते ही देखते एक गंभीर दिल के दौरे में तब्दील हो गया।
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बुजुर्ग रसूल सैयद के सीने में दर्द उठते ही कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों और परिजनों ने उन्हें तुरंत नजदीकी विघ्नहर्ता अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया। अस्पताल के मुख्य चिकित्सक डॉ. बालासाहेब असवाले ने इस दुखद मौत के संदर्भ में चिकित्सा जानकारी साझा की। डॉ. असवाले ने कहा, "जब इन बुजुर्ग मरीज को हमारे अस्पताल लाया गया, तो उनकी स्थिति बेहद गंभीर थी। हमने तुरंत उन्हें आपातकालीन चिकित्सा प्रदान की और वेंटिलेटर सपोर्ट के साथ लगातार सीपीआर (CPR) भी दिया। हमारी टीम ने उन्हें पुनर्जीवित करने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन कार्डियक अरेस्ट इतना गंभीर था कि कोई भी उपाय सफल नहीं हुआ और उनकी मृत्यु हो गई।"
मदद की उम्मीद में आए बुजुर्ग की इस तरह अचानक हुई दर्दनाक मौत की खबर जैसे ही फैली, राजनीतिक गलियारों सहित पूरे बीड जिले में शोक की लहर दौड़ गई। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे और राज्य के कैबिनेट मंत्री भरत गोगावले ने तुरंत अपने सभी कार्यक्रम रोक दिए और रसूल सैयद के परिजनों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। शिंदे ने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इस कठिन समय में सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री सहायता कोष और स्थानीय स्तर के समन्वय से पीड़ित परिवार को मौके पर ही 5 लाख रुपये की तत्काल वित्तीय सहायता राशि का चेक सौंपा गया।