प्रहार जनशक्ति पार्टी के प्रमुख बच्चू कडू (सोर्स: सोशल मीडिया) 
महाराष्ट्र

शिवसेना में प्रवेश के ऐलान के बच्चू कडू ने बताया पूरा प्लान, अब प्रहार जनशक्ति पार्टी का क्या होगा?

Prahar Janshakti Party Future: बच्चू कडू ने शिवसेना के साथ हाथ मिलाने और धनुष-बाण थामने के संकेत का ऐलान कर दिया है। क्या अस्तित्व खो देगी प्रहार पार्टी? जानिए क्या है कडू का भविष्य का प्लान।

आकाश मसने

Bachchu Kadu Future Plan: महाराष्ट्र की राजनीति में फायरब्रांड नेता के रूप में पहचाने जाने वाले पूर्व मंत्री और प्रहार जनशक्ति पार्टी के प्रमुख बच्चू कडू ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने राज्य के सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। कडू ने स्पष्ट किया है कि वह अब दिव्यांगों के अधिकारों की लड़ाई को और मजबूती देने के लिए शिवसेना के धनुष-बाण को अपने हाथ में लेने के लिए तैयार हैं।

दिव्यांगों के लिए धनुष-बाण का सहारा

बच्चू कडू लंबे समय से दिव्यांगों और किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहे हैं। उनके प्रयासों से ही राज्य में अलग दिव्यांग मंत्रालय का गठन हुआ। हालांकि, कडू अब भी संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रालय तो बन गया, लेकिन उसे जितनी मजबूती मिलनी चाहिए थी, वह अभी तक नहीं मिल पाई है। अब मैं शिवसेना की ताकत बढ़ाऊंगा ताकि दिव्यांगों की ताकत बढ़ सके।

क्या अस्तित्व खो देगी प्रहार जनशक्ति पार्टी?

इस बयान के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि कडू की प्रहार जनशक्ति पार्टी का क्या होगा? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कडू का यह कदम पार्टी को शिवसेना में विलय की ओर ले जा सकता है। हालांकि, बच्चू कडू ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि प्रहार संगठन एक विचारधारा है और वह जीवित रहेगा। उन्होंने बताया कि सामाजिक और दिव्यांगों के काम प्रहार जनशक्ति संगठन के द्वारा ही किए जाएंगे। लेकिन संगठन के जो लोग राजनीति में आना चाहते हैं वे शिवसेना में आकर करेंगे।

रणनीतिक बदलाव या मजबूरी?

बच्चू कडू ने साफ शब्दों में कहा कि हमें शिवसेना की ताकत बढ़ानी है, लेकिन मेरा प्राथमिक लक्ष्य हमेशा दिव्यांगों का कल्याण ही रहेगा। यदि धनुष-बाण हाथ में लेने से करोड़ों दिव्यांगों का जीवन सुधरता है, तो मुझे इसमें कोई गुरेज नहीं है।

बता दें कि पिछले दिनों बच्चू कडू ने प्रहार जनशक्ति पार्टी के बैनर तले महाराष्ट्र में एक बड़ा किसान आंदोलन किया था। इसमें उन्होंने किसानों की कर्ममाफी समेत कई मुद्दे उठाए थे। नागपुर में 36 घंटे के चक्काजाम के बाद महाराष्ट्र सरकार ने उनकी मांगें मान ली थी। महायुति सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन के बाद अब महायुति के ही घटक दल शिवसेना में शामिल होना बड़े राजनीति संकेतों की ओर इशारा कर रहा है। अब देखना होगा है। इस फैसले का उनकी राजनीति पर कितना असर पड़ता है।

PM Narendra Modi Birthday Live: मोदी का जन्मदिन उज्जैन में भव्य रूप से मनाया गया, जलाए गए 30 लाख दीये

अमित शाह के खिलाफ UN पहुंची महुआ मोइत्रा, दर्ज कराई शिकायत, कहा- भारत सरकार से मांगें जानकारी

PM मोदी के जन्मदिन पर CJP ने जलाया आशीर्वाद का दीया, आशुतोष रांका ने शिक्षा मंत्री को दिया अल्टीमेटम

UPI चार्ज पर कांग्रेस का सरकार पर हमला, गौरव गोगोई ने लगाए गंभीर आरोप, कहा- संसदीय समिति में नहीं हुई चर्चा

UPI पर GST की बात सिर्फ अफवाह, सरकार ने दी सफाई, कहा- MDR नियमों की कमियों को दूर करेंगे