सांकेतिक तस्वीर (सोर्स- सोशल मीडिया) 
औरंगाबाद

Sambhaji Nagar को दिसंबर से मिलेगा 200 एमएलडी अतिरिक्त पानी, नई जलापूर्ति योजना अंतिम चरण में

Chhatrapati Sambhaji Nagar के लोगों को जल्द ही राहत मिलने वाली है। शहर में पैदा हो रही पानी की कमी को दूर करने के लिए 2740 करोड़ रुपये खर्च वाली नई जलापूर्ति योजना अंतिम चरण में पहुंच गई है।

अपूर्वा नायक

Chhatrapati Sambhaji Nagar News: शहर के नागरिकों को लंबे समय से हो रही पानी की कमी को दूर करने के लिए वर्तमान में 2,740 करोड़ रुपये खर्च वाली नई जलापूर्ति योजना का पहला चरण अब अपने अंतिम चरण में पहुँच गया है।

दिसंबर से शहर को 200 एमएलडी अतिरिक्त पानी मिलेगा और महानगर पालिका को इस पानी का वितरण अनुशासित तरीके से करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी शहर को दिसंबर माह से 200 एमएलडी पानी अतिरिक्त मिलने पर पेयजल आपूर्ति गैप 6 से 9 दिन के बजाए 4 से 5 दिन पर आ पहुंचेगा।

नई पेयजल योजना के तहत, जायकवाडी बांध क्षेत्र में 3700 एचपी क्षमता वाले दो विशाल पंप लगाए गए हैं। शेष तकनीकी कार्य भी तेजी से पूरा होने की ओर है और नवंबर में जलमार्गों की सफाई, हाइड्रोलिक परीक्षण, वाल्वों का निरीक्षण, साथ ही ब्लीचिंग पाउडर और फिटकरी की मात्रा निर्धारित करने के लिए प्रयोग किए जाएंगे। इसके बाद, वास्तविक आपूर्ति शुरू होगी।

60 पानी की टंकियों से जल आपूर्ति की बनी है योजना

वर्तमान में, मनपा के पास 30 पानी की टंकियां हैं, जबकि महानगर पालिका को महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण से 30 और पानी की टंकियां मिलेंगी। ऐसी कुल 60 पानी की टंकियों के माध्यम से शहर और नोनेटवर्क क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति करने की योजना बनाई गई है। नक्षत्र वाड़ी इसका मुख्य केंद्र होगा, और पुराने और नए जलापूर्ति पाइप लाइनों का समन्वय करके कनेक्शन लगाने होंगे।

80 जोन वाइज समय सारिणी होगी तैयार

मनपा ने शहर के लगभग 80 जोन में जल आपूर्ति समय सारणी निर्धारित करने का कार्य अपने हाथ में लिया है। इसके लिए मनपा प्रशासन के समक्ष कई चुनौतियां हैं। इसमें रिसाव रोकना, सही दबाव पर पानी पहुंचाना, समय पर आपूर्ति करना और नए कनेक्शन लगाना इसके लिए अलग से टीमें और अतिरिक्त कर्मचारी नियुक्त करने होंगे।

शहर को मिलेगा कुल 370 एमएलडी पानी

नई योजना के 200 एमएलडी के अलावा, शहर को दिसंबर से कुल 370 एमएलडी पानी उपलब्ध होगा, जिसमें मौजूदा जलापूर्ति योजना (56 एमएलडी, 75 एमएलडी और 100 एमएलडी से 170 एमएलडी पानी भी शामिल है। इससे आपूर्ति अंतराल कम होने की उम्मीद है। लेकिन महानगर पालिका के सामने सबसे बड़ी चुनौती नागरिकों तक इस पानी को उचित और योजनाबद्ध तरीके से पहुंचाना है।

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