

Mumbai News In Hindi: उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के अध्यक्ष अजित पवार के करीबी माने जाने वाले समर्थक विनोद देशमुख को आखिरकार जलगांव पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
यह कार्रवाई रामानंदनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक पुराने मामले के तहत की गई है। वर्ष 2022 में दर्ज इस प्रकरण में देशमुख पर एक व्यापारी के कार्यालय पर हमला करने और उसे जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। लगभग दो वर्षों तक गिरफ्तारी टलने के बाद अब जाकर पुलिस ने कार्रवाई की है।
जानकारी के अनुसार, आरोपी विनोद देशमुख स्थानीय स्तर पर राकां का सक्रिय नेता है और राजनीतिक गलियारों में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के करीबी सहयोगी के तौर पर पहचाना जाता है। इसी कारण उसकी गिरफ्तारी लंबे समय तक टलती रही। शिकायतकर्ता व्यापारी मनोज वाणी ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए थे। वाणी का कहना था कि स्थानीय पुलिस अजीत पवार के दबाव में काम कर रही है और जानबूझकर देशमुख को गिरफ्तार नहीं कर रही है।
व्यवसायी वाणी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार तक अपनी आवाज पहुंचाने की कोशिश की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि राजनीतिक दबाव के चलते प्रशासन कार्रवाई से बच रहा है। इस सार्वजनिक बयान के कुछ ही दिनों बाद जलगांव पुलिस ने देशमुख की गिरफ्तारी कर ली। इस गिरफ्तारी ने न केवल स्थानीय राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि आखिर इतने लंबे समय तक आरोपी को बचाने के पीछे किन शक्तियों का हस्तक्षेप था।