Chhatrapati Sambhajinagar PSI Harish Khatavkar Case: छत्रपति संभाजीनगर शहर के पुलिस विभाग में उस समय सनसनी फैल गई, जब डीसीपी कार्यालय में कार्यरत एक श्रेणी उप निरीक्षक के विरुद्ध विवाहिता शिक्षिका से दुष्कर्म, धमकी, मारपीट और जबरन शारीरिक शोषण का मामला दर्ज किया गया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने पहले प्रेम का झांसा देकर विश्वास जीता, फिर बदनामी की धमकी देकर करीब एक वर्ष तक उसका यौन शोषण किया।
शिकायत के आधार पर जवाहरनगर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी हरिष माधवराव खटावकर, श्रेणी उप निरीक्षक हैं और वर्तमान में पुलिस उपायुक्त (जोन-2) कार्यालय में रायटर के रूप में कार्यरत हैं। उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पीड़िता, 48 वर्षीय विवाहिता और एक निजी विद्यालय की शिक्षिका है। शिकायत में कहा गया है कि चार वर्ष पहले उसकी आरोपी से पहचान हुई थी। समय के साथ दोनों में मित्रता बढ़ी, जिसके बाद आरोपी ने प्रेम का प्रस्ताव रखा। महिला द्वारा विवाहित होने की जानकारी देने पर भी आरोपी ने आश्वासन दिया कि वह उसके वैवाहिक जीवन पर कोई आंच नहीं आने देगा। इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसने कथित रूप से महिला को अपने जाल में फंसा लिया।
शिकायत के अनुसार, 27 मई 2025 को आरोपी ने काम का बहाना बनाकर महिला को एक होटल में बुलाया, जहां उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद 11 अक्टूबर 2025 को घर का इंटीरियर दिखाने के बहाने अपने निवास पर बुलाकर दोबारा दुष्कर्म किया। पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद आरोपी लगातार उसके पति को सब कुछ बताकर बदनाम करने की धमकी देता रहा और इसी डर का फायदा उठाकर समय-समय पर उसका यौन शोषण करता रहा।
पीड़िता के मोबाइल पर आरोपी के लगातार आने वाले संदेशों से उसके पति को संदेह हुआ। 15 जुलाई 2026 को पति-पत्नी के बीच इसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि इसी दौरान आरोपी उनके घर पहुंचा और महिला को इमारत की पार्किंग से जबरन कार में बैठा लिया। कार के भीतर उसके साथ मारपीट की गई।
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शिकायत में कहा गया है कि अमरप्रीत चौक के पास आरोपी ने महिला का मोबाइल छीन लिया और उसे चलती कार से नीचे धक्का देकर फरार हो गया। बाद में पीड़िता ने एक राहगीर के मोबाइल से अपने बेटे को फोन किया और किसी तरह घर पहुंची। इसके बाद उसने अपने पति को पूरी घटना बताई और दोनों जवाहरनगर पुलिस थाने पहुंचे, जहां शिकायत दर्ज कराई गई।
हरिष खटावकर का नाम इससे पहले भी विवादों में आ चुका है। वर्ष 2015 में सिडको पुलिस थाने में पदस्थ रहने के दौरान एक युवती की शिकायत दर्ज नहीं करने और उसके साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप उन पर लगा था। बाद में संबंधित युवती ने आत्महत्या कर ली थी। उस मामले में विभागीय कार्रवाई के तहत उन्हें निलंबित भी किया गया था।
डीसीपी कार्यालय में कार्यरत अधिकारी के विरुद्ध दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराध का मामला दर्ज होने से पुलिस विभाग में हलचल मच गई है। शिकायत दर्ज होने के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। मामले की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक अतिश लोहकरे कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट