

Nashik Kumbh Skilling Development Project: आगामी नासिक त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभमेला 2027 को सुचारू सक्षम और उच्च स्तर पर संपन्न कराने के लिए स्थानीय युवाओं को कौशल-आधारित प्रशिक्षण देने देने का का एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। महाराष्ट्र राज्य कौशल विकास सोसायटी ने कुंभ स्किलिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत 4,300 युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस पहल से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्व-रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इस परियोजना के अंतर्गत अल्पकालिक कौशल प्रशिक्षण, मौजूदा कौशल का उन्नयन, उद्यमिता विकास और रिकग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
इसमें मुख्य रूप से पर्यटन, आतिथ्य सत्कार, स्वास्थ्य सेवा और बुनियादी ढांचे जैसे कुंभमेले से सीधे जुड़े क्षेत्रों के लिए आवश्यक जनशक्ति तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में टूरिस्ट गाइड, गेस्ट सर्विस एसोसिएट, होमस्टे प्रबंधन, प्राथमिक चिकित्सा और आपातकालीन प्रतिक्रिया, उद्यमिता विकास, शेफ, फूड एंड बेवरेज सर्विस, जनरल ड्यूटी असिस्टेंट और इलेक्ट्रशियन के पाठ्यक्रमों को शामिल किया गया है।
साथ ही अनुभवी श्रमिकों के लिए प्रशिक्षण की भी व्यवस्था की गई है। विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर मंगलवार को मुबई में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में राज्य के कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार मंत्री श्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने इस परियोजना के लिए लेटर ऑफ इंटेंट प्रदान किया।
इस गरिमामयी कार्यक्रम में कौशल विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा वर्मा, महाराष्ट्र राज्य कौशल विकास सोसायटी के आयुक्त एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अमित सैनी और कुंभमेला प्राधिकरण के आयुक्त शेखर सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
MSSDS आयुक्त एवं सीईओ डॉ. अमित सैनी ने बाताया की आयोजनों में से एक, सिंहस्थ कुंभमेले के लिए कुशल जनशक्ति तैयार कर अपना योगदान देने में कौशल विकास विभाग अत्यंत गौरवान्वित महसूस कर रहा है। इस पहल से नासिक कुंभमेले की तैयारियों को और अधिक मजबूती मिलेगी।
प्राधिकरण कुंभमेला आयुक्त शेखर सिंह ने बाताया की नागरिकों के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार और व्यापार के अवसर पैदा होने वाले है। इन अवसरों का सही लाभ उठाने के लिए स्थानीय युवाओं को आवश्यक कौशल सिखाना बेहद जरूरी है। कुंभ स्किलिंग प्रोजेक्ट इस दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा और प्रशिक्षित युवाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं को अधिक बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।