पेड़ की विशाल शाखा गिर गई (फोटो सोर्स- AI) 
औरंगाबाद

छत्रपति संभाजीनगर: पनचक्की परिसर में बरगद के पेड़ की विशाल शाखा गिरी; प्रशासन की सतर्कता से टला बड़ा हादसा

Chhatrapati Sambhajinagar News: छत्रपति संभाजीनगर के पनचक्की परिसर में 500 साल पुराने बरगद के पेड़ की विशाल शाखा गिर गई। प्रशासन द्वारा पर्यटकों का प्रवेश पहले ही बंद करने से एक बड़ा हादसा टल गया।

रूपम सिंह

Chhatrapati Sambhajinagar Panchakki Banyan Tree: ऐतिहासिक पनचक्की परिसर में बुधवार दोपहर लगभग 3 बजे 500 वर्ष पुराने बरगद के पेड़ की एक विशाल शाखा मुख्य प्रवेश द्वार के समीप अचानक टूटकर गिर गई। सौभाग्य से उस समय वहां कोई पर्यटक या कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। प्रशासन द्वारा एहतियातन परिसर में पर्यटकों का प्रवेश पहले ही बंद कर दिया गया था, जिसके कारण किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

महाराष्ट्र राज्य वक्फ मंडल के अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से बरगद के पेड़ की कमजोर शाखाओं तथा परिसर में बने मधुमक्खियों के बड़े छत्ते को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंता बनी हुई थी। हाल ही में तेज हवाओं के कारण पेड़ की एक छोटी शाखा गिर गई थी, जिसके बाद किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका को देखते हुए पर्यटकों का प्रवेश अस्थायी रूप से रोक दिया गया था।

अधिकारियों ने बताया कि पेड़ की आवश्यक छंटाई और जोखिमपूर्ण शाखाओं को हटाने के लिए नियमों के अनुसार मनपा को पत्र भेजा गया था। मनपा की ओर से स्थल का निरीक्षण भी किया गया था। वहीं, मधुमक्खियों के छत्ते को सुरक्षित तरीके से हटाने के लिए विशेषज्ञों की सहायता ली गई थी। मंगलवार रात धुआं कर मधुमक्खियों को हटाने का प्रयास किया गया था, लेकिन बुधवार सुबह वे दोबारा छत्ते पर लौट आई थीं।

परिसर में आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन लगातार मधुमक्खियों के छत्ते को हटाने और पेड़ की खतरनाक शाखाओं की कटाई की प्रक्रिया में जुटा हुआ था। इसी कारण एहतियातन प्रवेश बंद रखा गया था।

परिसर में पर्यटकों का प्रवेश पहले से था बंद

  • इस बीच छत्रपति संभाजीनगर मनपा के उद्यान विभाग का दल शाखा की कटाई के लिए मौके पर पहुंचता, उससे पहले ही दोपहर लगभग 3 बजे बरगद की विशाल शाखा स्वयं टूटकर नीचे गिर गई।
  • शाखा गिरने की तेज आवाज से पूरे परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
  • हालांकि घटना के समय वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की क्षति नहीं हुई।
  • स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की सतर्कता और समय रहते उठाए गए सुरक्षा कदमों की सराहना की है। लोगों का मानना है कि यदि प्रवेश बंद नहीं किया गया होता तो यह घटना गंभीर दुर्घटना का रूप ले सकती थी।
  • प्रशासन की तत्परता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।

Delhi Building Collapse Live Update: सत्य निकेतन हादसे में 1 की मौत, कई दबे, मौके पर पहुंचीं CM रेखा गुप्ता

Delhi Satya Niketan: खून से लथपथ चेहरा और मदद की गुहार, मलबे के अंदर से छात्र ने भेजा VIDEO

नक्शे में न हो छेड़छाड़… जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को लेकर भारत का संयुक्त राष्ट्र में कड़ा रुख

मैं बेरोजगार हूं, काम दे दो... अमेठी में चुनाव हारते ही स्मृति ईरानी ने किसे किया था फोन; जानें पूरी कहानी

Delhi Satya Niketan: बिल्डिंग गिरने के बाद मलबे से आ रही थीं मदद की आवाजें, देखें हादसे की 10 भयावह तस्वीरें