Sambhajinagar Water Supply Project: छत्रपति संभाजीनगर शहर की बहुप्रतीक्षित नई जलापूर्ति योजना को पहली ही वर्षा में बड़ा झटका लगा है। नक्षत्रवाड़ी स्थित नव-निर्मित पंप हाउस की स्लैब से पानी रिसने के चलते नई योजना से मिलने वाली अतिरिक्त 40 एमएलडी जलापूर्ति गत पांच दिनों से एहतियातन बंद की गई है। नतीजतन, शहर में जलापूर्ति का अंतराल फिर बढ़कर 10 से 11 दिन हो गया है। ऐन बारिश के मौसम में भी शहरवासी पेयजल के लिए त्राहि-त्राहि कर रहे हैं।
शहर की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए 2,740 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी जलापूर्ति योजना पर काम चल रहा है। केंद्र व राज्य सरकार व मनपा की भागीदारी से साकार की जा रही परियोजना का निर्माण महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के जरिए जीवीपीआर कंपनी कर रही है। पहली ही वर्षों में नक्षत्रवाड़ी पंप हाउस की स्लैब में रिसाव शुरू होने से निर्माण कार्य के स्तर पर सवाल खड़े हो गए हैं।
नक्षत्रवाड़ी पंप हाउस का निर्माण पूरा होने के तुरंत बाद पहली ही वर्षा में ही स्लैब से रिसाव शुरू होने से निर्माण के स्तर पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। जल योजना की प्रमुख संरचना में आई इस खामी के बाद नागरिकों ने पूरे निर्माण कार्य व उसकी निगरानी की उच्त्वस्तरीय जांच की मांग की है।
स्लैब से रिसता पानी सीधे पंप हाउस के विद्युत पैनलों तक पहुंचने से उपकरणों को सुरक्षित रखने के लिए अस्थायी रूप से तिरपाल लगानी पड़ी। तकनीकी दुर्घटना से बचने के लिए 24 जून से नई योजना के तहत मिलने वाली अतिरिक्त 40 एमएलडी जलापूर्ति बंद कर मरम्मत का कार्य जारी है,
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जो पूरा होने में 3-4 दिन और लगेंगे। अमूमन वर्षा के मौसम में शहर में पेयजल संकट कम हो जाता है, पर इस वर्ष स्थिति इसके ठीक विपरीत है। मरीमाता जलकुंभ से जुड़े किराड़पुरा, बायजीपुरा, बारी कॉलोनी, इंदिरा नगर, पुलिस कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में अब 8 दिन के बजाय 10 से 11 दिन बाद पानी मिल रहा है। हनुमान टेकड़ी, जयविश्वभारती कॉलोनी, चिकलथाना, ज्योति नगर, चौधरी कॉलोनी, शाहगंज व अन्य क्षेत्रों में भी जलापूर्ति का अंतराल बढ़ गया है।