संभाजीनगर में मोहर्रम पर निकला जुलूस (फोटो नवभारत) 
औरंगाबाद

मोहर्रम पर मातम; छत्रपति संभाजीनगर में उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों अकीदतमंद जुलूस में हुए शामिल

Moharram Juloos In Sambhajinagar: छत्रपति संभाजीनगर में मोहर्रम पर मातमी और सवारियों के जुलूस में हजारों अकीदतमंद शामिल हुए। इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए शहर में शांति और भाईचारा कायम रहा।

आलोक उमाकृष्ण

Moharram Juloos In Sambhajinagar Yaum E Ashura: मोहर्रम के यौम-ए-आशूरा के अवसर पर छत्रपति संभाजीनगर में शिया समाज के पारंपरिक मातमी जुलूस तथा सिटी चौक से निकले सवारियों के जुलूस में हजारों अकीदतमंदों ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया। अंजुमन-ए-खादिमुल मासूमीन के मार्गदर्शन में निकाले गए मातमी जुलूस में नौहाखानी, मातम और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से हजरत इमाम हुसैन तथा कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पूरे शहर में 'या हुसैन' की सदाओं के बीच गम, आस्था और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।

सिटी चौक में अलम और सवारियों का भव्य स्वागत

मोहर्रम के अवसर पर सिटी चौक स्थित आलमबरदार समिति की ओर से अलम और सवारियों के स्वागत का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आई सवारियां निर्धारित मार्गों से सिटी चौक पहुंचीं, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया। विभिन्न अंजुमनों के पदाधिकारी, समाज के गणमान्य नागरिक और जनप्रतिनिधि भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। शहर के अनेक सामाजिक संगठनों ने जुलूस मार्ग पर शरबत और शीतल पेयजल के शिविर लगाकर अकीदतमंदों की सेवा की।

करबला का संदेश पूरी इंसानियत के लिए

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध धर्मगुरु मौलाना मोहम्मद अली कुम्मी ने कहा कि कर्बला में हजरत इमाम हुसैन की शहादत केवल इस्लाम की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत को बचाने के लिए थी। उन्होंने कहा कि करबला का संदेश है कि जुल्म और अत्याचार के सामने कभी झुकना नहीं चाहिए, बल्कि हर परिस्थिति में सत्य, न्याय और हक की आवाज बुलंद करनी चाहिए। इमाम हुसैन का बलिदान आज भी मानवता को अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करने की प्रेरणा देता है।

आयोजन में पदाधिकारियों और प्रशासन की रही अहम भूमिका

मातमी जुलूस का नेतृत्व अंजुमन-ए-खादिमुल मासूमीन के अध्यक्ष सैयद एजाज जैदी ने किया। इंतेसार जैदी, वसी जैदी, मुंतज़िर जाफरी, रज़ा हुसैन काज़िम, जव्वाद जैदी तथा अन्य पदाधिकारियों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। डॉ. दिलशाद जैदी ने संपूर्ण आयोजन का समन्वय संभाला।

सचिव परवेज जाफरी, अज़हर हुसैन जैदी, हिमायत अली जैदी, अल्ताफ भाई, सर्फराज आबेदी सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सिटी चौक में आयोजित स्वागत कार्यक्रम में आलमबरदार समिति के अध्यक्ष रशीद उर्फ मामू तथा नगरसेवक अफसर खान सहित विभिन्न अंजुमनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था में शांतिपूर्ण संपन्न हुआ आयोजन

मोहर्रम के मद्देनजर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। पुलिस आयुक्त प्रवीण पवार, पुलिस उपायुक्त प्रशांत मोहिते सहित वरिष्ठ अधिकारी पूरे समय सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए।

पूरे आयोजन के दौरान शहर में शांति, सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे का वातावरण देखने को मिला। मोहर्रम के मातमी जुलूस और सवारियों के जुलूस ने हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी, इंसाफ, सत्य, मानवता और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष के अमर संदेश को जन-जन तक पहुंचाया।

– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट

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