Chhatrapati Sambhajinagar Tender Scam Allegation: छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका के प्रशासक कार्यकाल में आपातकालीन अधिकारों का उपयोग कर बिना निविदा करोड़ों रुपये के कार्य कराए जाने के आरोपों को लेकर भाजपा विधायक प्रशांत बंब ने मंगलवार को मनपा आयुक्त अमोल येडगे से मुलाकात कर विस्तृत जांच की मांग की। करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक में बंब ने 21 मामलों की सूची सौंपते हुए संबंधित कार्यों की प्रशासनिक मंजूरी, खर्च और कार्यान्वयन से जुड़े सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
विधायक बंब का आरोप है कि पिछले छह वर्षों के प्रशासक कार्यकाल के दौरान महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम की धारा 67 (3) (क) के तहत प्राप्त आपातकालीन अधिकारों का व्यापक स्तर पर उपयोग किया गया, जबकि कई कार्य ऐसे थे जिन्हें आपातकालीन श्रेणी में शामिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इन अधिकारों के जरिए बिना नियमित निविदा प्रक्रिया अपनाए करोड़ों रुपये के कार्य स्वीकृत किए गए, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बंब ने दावा किया कि सरकारी आवासों के नवीनीकरण, पेवर ब्लॉक बिछाने तथा अन्य विकास कार्यों पर लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च किए गए। उनके अनुसार ये कार्य सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत किए जा सकते थे और इन्हें आपातकालीन कार्यों की श्रेणी में रखना उचित नहीं था।
उन्होंने बताया कि सूचना के अधिकार (आरटीआई) के माध्यम से संबंधित जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया गया था, लेकिन प्रशासन की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसी कारण यह मुद्दा पहले विधानमंडल में भी उठाया गया था। अब उन्होंने एक बार फिर मनपा प्रशासन से सभी 21 मामलों की विस्तृत और लिखित जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है।
बैठक के दौरान मुख्य लेखाधिकारी संतोष वाहूले ने कुछ मामलों में प्रशासन का पक्ष रखते हुए स्पष्टीकरण दिया। हालांकि बंब ने इन स्पष्टीकरणों को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि प्रत्येक मामले की संपूर्ण जानकारी दस्तावेजों सहित सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
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विधायक ने 68 करोड़ रुपये की कचरा प्रसंस्करण परियोजना की निविदा प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि निविदा संयुक्त भागीदारी के आधार पर प्रस्तुत की गई थी, लेकिन अंतिम कार्यादेश केवल जीएनआई कंपनी को जारी किया गया। उन्होंने इस प्रक्रिया में संभावित अनियमितताओं की जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका स्पष्ट करने की मांग की।
इस मुद्दे को लेकर अब छत्रपति संभाजीनगर मनपा प्रशासन और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। आयुक्त कार्यालय की ओर से मामले की जांच और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है।