Jal Jeevan Mission Irregularities Maharashtra: छत्रपति संभाजीनगर जल जीवन मिशन के तहत जिले में किए जा रहे कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच में पता चला है कि इस योजना के 73 कार्यों में गड़बड़ी हुई है व करीब 89 लाख 42 हजार रुपये के घोटाला सामने आया है।
दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों की विभागीय जांच मजीप्रा की ओर से शुरू कर दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक नागरिक को प्रतिदिन 55 लीटर शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना की स्थिति संतोषजनक नहीं रही है।
जिले में इस योजना के अंतर्गत कुल 1164 जलापूर्ति योजनाओं का काम शुरू किया गया था, इनमें से 700 से अधिक योजनाएं पूरी होने का दावा किया गया।
लेकिन सिर्फ 10 से 15 गांवों में ही नल के माध्यम से नियमित जलापूर्ति हो रही है। कामों में देरी व अनियमितताओं के कारण जिप मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कुछ ठेकेदारों पर दंडात्मक कार्रवाई भी की है।
योजना से जुड़े कई कनिष्ठ अभियंता ठेका पद्धति पर कार्यरत हैं, परियोजना प्रबंधन सलाहकार संस्था व त्रिस्तरीय जांच के बाद कुछ इंजीनियरों को कारण बताओ नोटिस जारी किए व कुछ ठेकेदारों को काली सूची में डालने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
यह भी पढ़ें:-छत्रपति संभाजीनगर: शिक्षक भर्ती को मंजूरी, फिर भी उम्मीदवारों का इंतजार; नए सत्र से पहले भर्ती पूरी करने का लक
योजना की प्रगति पर वित्तीय अड़चने भी सामने आई है, वर्ष 2024 से केंद्र सरकार की ओर से इस योजना के लिए निधि जारी नहीं की गई है। कुल 1164 योजनाओं के लिए 677 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट को राज्य सरकार ने मंजूरी दी है, लेकिन अब तवा 368 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त नहीं हुई है व कई काम धीमी गति से चल रहे हैं। इसके अलावा कई ग्राम पंचायतों ने 10 प्रतिशत निधि जमा नहीं करने से योजनाओं का हस्तांतरण भी अटका हुआ है।